
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की भारत यात्रा के दौरान भारत और रूस ने सोमवार को व्यापार, ऊर्जा, संस्कृति, बौद्धिक संपदा और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड 28 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई वार्षिक शिखर बैठक के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बेहतरीन चर्चा हुई। राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा छोटी लेकिन अत्यधिक महत्वपूर्ण थी। दोनों देशों के बीच 10 साल (2021-2031) के लिए रक्षा क्षेत्र में सहयोग कार्यक्रम पर समझौता हुआ। COVID-19 महामारी शुरू होने के बाद से यह राष्ट्रपति पुतिन की दूसरी यात्रा है। इससे पहले उन्होंने केवल रूस-अमेरिका शिखर सम्मेलन के लिए जिनेवा की संक्षिप्त यात्रा की थी।
हर्षवर्धन ने कहा कि रूस में 1 करोड़ 50 लाख बौद्ध रहते हैं। भारत में बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए कई खास तीर्थ स्थल हैं। यह समुदाय तीर्थयात्रा और रुचि के अन्य क्षेत्रों के लिए भारत को देखने का इच्छुक है। इसलिए सांस्कृतिक सहयोग भी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में दोनों देश एक साथ काम करने पर विचार कर रहे हैं।
यूक्रेन में चल रहे सैन्य घटनाक्रम पर है नजर
हर्षवर्धन ने कहा कि यूक्रेन में चल रहे सैन्य घटनाक्रम पर हमारी गहरी नजर है। भारत और रूस के बीच हुए 2+2 बैठक में रूसी पक्ष ने इस संबंध में जानकारी दी है। S-400 की आपूर्ति इसी महीने शुरू हो गई है और आगे भी होती रहेगी। रूसी राष्ट्रपति ने असाधारण रूप से वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत का दौरा करने का फैसला किया है। यह इस बात का संकेत है कि वह भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को कितना महत्व देते हैं।
विदेश सचिव ने कहा कि पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रिकॉर्ड 28 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार से सरकार के बीच और व्यवसाय से व्यवसाय के बीच समझौते हुए हैं। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां शामिल थीं। आज हस्ताक्षर किए गए समझौते और समझौता ज्ञापनों की विविधता हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की बहुमुखी प्रकृति को दर्शाती हैं।
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