नेपाल में सद्गुरु ने की लिंग भैरवी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, महिलाओं द्वारा किया जाता है इसका संचालन

Published : Mar 08, 2023, 04:25 PM ISTUpdated : Mar 08, 2023, 04:26 PM IST
Sadhguru

सार

नेपाल, भारत के बाहर लिंग भैरवी देवी मंदिर वाला पहला देश बन गया है। लिंग भैरवी की ऊर्जा मानव प्रणाली में तीन मूल चक्रों को मजबूत करती है। यह व्यक्ति के शरीर, मन और ऊर्जा प्रणाली को स्थिर करती है।

नई दिल्ली। सद्गुरु ने नेपाल में लिंग भैरवी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की। लिंग भैरवी मंदिर का संचालन महिलाओं द्वारा किया जाता है। आदमी और औरतें दोनों ही दर्शन के लिए मंदिर में आते हैं, लेकिन केवल महिलाएं ही मंदिर के गर्भग्रह में पूजा कराती हैं। उन्हें बैरागिनी मां कहा जाता है और ये दुनिया के विभिन्न हिस्सों से, विभिन्न जातियों और धर्मों से संबंध रखती हैं।

लिंग भैरवी की ऊर्जा मानव प्रणाली में तीन मूल चक्रों को मजबूत करती है। इस प्रकार यह व्यक्ति के शरीर, मन और ऊर्जा प्रणाली को स्थिर करती है। कोई भक्त चाहे जीवन के भौतिक और सांसारिक पहलुओं को प्राप्त करना और उनका आनंद लेना चाहता हो या परे जाना चाहता हो- देवी वह सब और उससे भी अधिक की परम दाता हैं।

मंदिर दर्शन के लिए सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:20 बजे तक और शाम 4:20 बजे से रात 8:20 बजे तक खुला रहेगा। देवी अभिषेकम-आरती के साथ ग्यारह शुभ अर्पणों को देवी को दिन में तीन बार, सुबह 7:40, दोपहर 12:40 और शाम 7:40 पर अर्पित किया जाएगा। लिंग भैरवी देवी के बारे में बताते हुए, सद्गुरु ने कहा, “जो लोग भैरवी की कृपा अर्जित करते हैं, उन्हें न तो जीवन या मृत्यु, गरीबी, या असफलता की चिंता या भय में रहना पड़ता है। मनुष्य जिसे खुशहाली समझता है, वह सब उसका हो जाएगा, यदि वे केवल भैरवी की कृपा को अर्जित करते हैं।"

भारत के बाहर पहले लिंग भैरवी देवी मंदिर की हुई स्थापना

नेपाल में लिंग भैरवी देवी भारत के बाहर स्थापित होने वाला पहला देवी मंदिर है। सद्गुरु ने 2010 में ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर, भारत में पहले लिंग भैरवी मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा की थी। तब से, लिंग भैरवी मंदिर भारत में नई दिल्ली, गोबी और सलेम में स्थापित हुए हैं।

देवी के नेपाल आने के इस महत्वपूर्ण अवसर के रूप में, 9 मार्च को टुंडीखेल, कांतिपथ में शाम 7:00 से 9:30 बजे तक देवी उत्सव मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम नृत्य, संगीत और भक्ति के एक विशाल सांस्कृतिक उत्सव को उजागर करेगा और लिंग भैरवी की तीव्र ऊर्जा और कृपा को अनुभव करने और उसमें सराबोर होने का अवसर प्रदान करेगा। सद्गुरु प्रतिभागियों को एक शक्तिशाली निर्देशित ध्यान से गुजारने के साथ-साथ देवी के विभिन्न पहलुओं की खोज के लिए एक विशेष सत्संग आयोजित करेंगे।

यह भी पढ़ें- UNSC में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने फिर अलापा 'कश्मीर राग', भारत ने दिया करारा जवाब

देवी उत्सव के प्रतिभागियों को देवी के प्रसाद के रूप में: एक देवी अभय सूत्र - भय को दूर करने और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक एक पवित्र धागा और देवी की एक विशेष तस्वीर मिलेगी। नेपाली में लाइव अनुवाद उपलब्ध होगा और 8 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी इसमें भाग ले सकता है। कार्यक्रम के लिए निःशुल्क पंजीकरण उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें- लंदन में राहुल गांधी ने दिया अनोखा ज्ञान, पूरे शहर की आबादी से ज्यादा बताया बेल्लारी की एक इंडस्ट्री के कर्मचारियों की संख्या

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

उत्तर भारतीय दक्षिण में सिर्फ पानी पूरी बेचने आते हैं: तमिलनाडु के मंत्री का चौंकाने वाला बयान
राज्यसभा: 'खुलेआम बेचा जा रहा जहर', आप सांसद राघव चढ्ढा ने उठाया खतरनाक मुद्दा