सैफ अली खान के घर हमले के आरोपी के पिता ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा शख्स उनका बेटा नहीं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को इस मामले में फंसाया जा रहा है।
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के घर में उन पर जानलेवा हमला करने के आरोपी मो. शरीफुल इस्लाम शहजाद के पिता रुहुल अमीन ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा शख्स उनका बेटा नहीं है। उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार शरीफुल फकीर के पिता, मोहम्मद रुहुल अमीन (55), ने बांग्लादेश से कहा, "मेरे बेटे के बाल हमेशा छोटे रहते हैं और ऊपर की ओर उठे होते हैं। इसी कारण पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वह आसान निशाना था क्योंकि वह भारत में अवैध रूप से घुसा था।शरीफुल के पिता रुहुल अमीन ने कहा कि वह"बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक ग्राम-स्तरीय पदाधिकारी अपने देश के वरिष्ठ नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि उनके बेटे की "झूठी गिरफ्तारी" को कूटनीतिक मुद्दा बनाया जा सके।
रुहुल अमीन ने कहा, "हम गरीब हो सकते हैं, लेकिन अपराधी नहीं हैं। बांग्लादेश में मेरा बेटा बाइक टैक्सी चलाकर पैसे कमाता था। लेकिन अवामी लीग के शासनकाल में हमारे गांव में बहुत राजनीतिक उथल-पुथल हो गई। पिछले साल की शुरुआत में शेख हसीना की सरकार के सत्ता में वापस आने के बाद हालात और खराब हो गए। मेरा बेटा खालिदा जिया का सक्रिय समर्थक था, उसे इसका भारी विरोध झेलना पड़ा। इसी वजह से उसने बांग्लादेश छोड़कर बेहतर कमाई और जिंदगी के लिए भारत जाने का फैसला किया।" उन्होंने बताया कि शरीफुल ने एक एजेंट से संपर्क किया, जिसने उसकी भारत में अवैध तरीके से सीमा पार करने में मदद की। शरीफुल पिछले साल अप्रैल में भारत आया था।
शरीफुल तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। उसके बड़ा भाई एक प्राइवेट कंपनी में ढाका में काम करता है, जबकि छोटे भाई की पढ़ाई अभी स्कूल में चल रही है। शरीफुल ने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और इसके बाद छोटे-मोटे काम करने लगे थे। इस दौरान रुहुल अमीन ने अपना खुलना जूट मिल की नौकरी भी खो दी।
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मुंबई पुलिस के अनुसार, शरीफुल फकीर एक हाउसकीपिंग एजेंसी से जुड़ा था। वह 7 महीने पहले दावकी नदी पार कर अवैध रूप से भारत आया। पहले कुछ सप्ताह उसने पश्चिम बंगाल में बिताए और फिर नौकरी की तलाश में मुंबई आ गया। मुंबई में उसने एक स्थानीय व्यक्ति के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके सिम कार्ड हासिल किया, जो खुकुमोनी जहांगीर सेखा के नाम पर पंजीकृत है।इस मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, कलिना के विभिन्न विभागों द्वारा इस केस से जुड़े सबूतों की जांच की जाएगी। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मोबाइल फोन, कपड़े और सीसीटीवी फुटेज समेत कई सबूत जब्त किए हैं।