15 सितंबर तक पद पर बने रहेंगे ED डायरेक्टर संजय मिश्रा, केंद्र सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ओके

Published : Jul 27, 2023, 05:02 PM ISTUpdated : Jul 27, 2023, 05:36 PM IST
ED Director Sanjay Kumar Mishra

सार

एपेक्स कोर्ट ने ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल विस्तार को बीते दिनों अवैध करार दिया था और 31 जुलाई तक की डेडलाइन सुनिश्चित की थी।

नई दिल्ली। ईडी डायरेक्टर संजय मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गया है। केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संजय मिश्रा को 15 सितंबर तक पद पर बने रहने की अनुमति दे दी है। एपेक्स कोर्ट ने ईडी डायरेक्टर के कार्यकाल विस्तार को बीते दिनों अवैध करार दिया था और 31 जुलाई तक की डेडलाइन सुनिश्चित की थी। हालांकि, ग्लोबल टेरर फंडिंग की निगरानी करने वाली संस्था FATF की जांच टीम का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने संजय मिश्रा को पद पर बने रहने का अनुरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने कई सवाल खड़े करते हुए केंद्र को आखिरी मौका दिया।

केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?

केंद्र की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि ग्लोबल टेरर फंडिंग निगरानी संस्था एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की रिव्यू टीम आने वाली है। संजय मिश्रा के न होने से स्थितियां असामान्य हो सकती हैं। मेहता ने बताया कि भारत के नियमों और पर्यवेक्षण की ऑन-साइट समीक्षा नवंबर में होने वाली है। टीम के तीन नवंबर को पहुंचने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-क्या आपके अन्य सभी अधिकारी अक्षम?

केंद्र सरकार के लगातार संजय मिश्रा को ही ईडी डायरेक्टर पद पर बने रहने के दबाव पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या आप कह रहे हैं कि अन्य सभी अधिकारी अक्षम हैं? केवल एक अधिकारी ही ऐसा कर सकता है? जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय करोल की बेंच ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि देश के सभी अन्य अधिकारी अक्षम हैं। केंद्र ने जवाब दिया कि कोई भी अधिकारी अपरिहार्य नहीं है। हर संगठन में एक नेतृत्व होता है लेकिन एक निरंतरता होनी चाहिए।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी डायरेक्टर के 2021 से हुए एक्सटेंशन को बीते दिनों अवैध करार दिया था और उनको 31 जुलाई तक ही पद पर बने रहने की डेडलाइन देते हुए केंद्र सरकार को समन जारी किया था।

संजय मिश्रा को राहत देने का विरोध करते हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि एफएटीएफ समीक्षा एक प्रक्रिया है जिसमें 40 पैरामीटर शामिल हैं। मनी लॉन्ड्रिंग एक ऐसा पैरामीटर है। इसके अलावा, एफएटीएफ समीक्षा 2024 तक चलने वाली प्रक्रिया है। तो क्या वे 2024 तक विस्तार की मांग करेंगे? क्या हम 140 करोड़ लोगों में से केवल एक अधिकारी पर निर्भर हैं? विस्तार मांगने वाले केंद्र का आचरण निंदनीय है।

केंद्र सरकार कई बार बढ़ा चुकी है संजय मिश्रा का कार्यकाल

केंद्र ने हर बार संजय मिश्रा का कार्यकाल बढ़ाने के लिए कोई न कोई हवाला देती रही है। ईडी डायरेक्टर के संजय मिश्रा को नवंबर 2018 में प्रभार दिया गया था और 60 साल के होने पर उन्हें दो साल में सेवानिवृत्त होना था। लेकिन नवंबर 2020 में उन्हें एक विस्तार मिला और इसके बाद दो और विस्तार मिले।

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