उद्धव सरकार-अनिल देशमुख को बड़ा झटका, SC ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के खिलाफ याचिका रद्द की

Published : Apr 08, 2021, 04:29 PM ISTUpdated : Apr 08, 2021, 04:56 PM IST
उद्धव सरकार-अनिल देशमुख को बड़ा झटका, SC ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के खिलाफ याचिका रद्द की

सार

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी। 

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और उसके पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी। 

इससे पहले अनिल देशमुख का पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए। यह सिर्फ इसलिए नहीं कि पुलिस कमिश्नर ने कुछ कह दिया तो उनके शब्द सबूत बन गए। कपिल सिब्बल ने कहा कि देशमुख की बात सुने बिना कोई प्रारंभिक जांच नहीं हो सकती है।  

इस मामले में जांच जरूरी- सुप्रीम कोर्ट
अनिल देशमुख की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस कौल ने कहा कि आपके खिलाफ आरोप लगाने वाले अनिल देशमुख आपके दुशमन नहीं? लेकिन परम बीर सिंह तो आपका दाहिना हाथ थे , फिर उन्होने आप पर आरोप क्यों लगाए इसलिए दोनों के खिलाफ जांच होगी।

क्या है मामला?
दरअसल, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने एंटीलिया और मनसुख केस में आरोपी पुलिस अफसर सचिन वझे को संरक्षण दिया था। इतना ही नहीं सिंह का आरोप था कि देशमुख ने वझे को मुंबई से 100 करोड़ रुपए हर महीने वसूली करने के लिए भी कहा था। 

इस मामले में परमबीर सिंह ने केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। वहीं, अनिल देशमुख को पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, देशमुख ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सचिन वझे ने परमबीर सिंह के आरोप स्वीकारे
हाल ही में मुंबई पुलिस से संस्पेंड अफसर सचिन वझे के राष्ट्रीय जांच एजेंसी को लिखा पत्र सामने आया है। इसमें वझे ने मंत्री अनिल देशमुख और अनिल परब पर वसूली के आरोप लगाए हैं। हाथ से लिखे इस पत्र में सचिन वझे ने दावा किया है कि शरद पवार 2020 में मुंबई पुलिस में उसकी बहाली के खिलाफ थे, वे चाहते थे कि आदेश को रद्द कर दिया जाए। लेकिन अनिल देशमुख ने उनसे कहा कि अगर वे 2 करोड़ रुपए देंगे, तो वे शरद पवार को मना कर उनकी पुलिस में वापसी करा देंगे।  

सचिन वझे ने दावा किया कि अनिल देशमुख ने उन्हें अक्टूबर 2020 में एक गेस्ट हाउस में बुलाया और मुंबई के 1,650 बार और रेस्टोरेंट से पैसा इकट्ठा करने के लिए कहा था। वझे ने लिखा, मैंने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह मेरे दायरे से बाहर है। 

2021 में भी की थी यही मांग
सचिन वझे के मुताबिक, जब वह जनवरी 2021 में अनिल देशमुख से उनके बंगले पर मिला था, तो उन्होंने फिर से वही मांग की। वझे ने दावा किया कि इस दौरान मंत्री के पीए कुंदन भी मौजूद थे। गृह मंत्री ने वझे से हर बार और रेस्टोरेंट से 3-3.5 लाख रुपए वसूलने के लिए कहा था। 

 

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