
मुंबई. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार के अचानक भाजपा के साथ जाकर सरकार बनाने से लेकर शिवसेना से गठबंधन तक तमाम सवालों पर अपनी राय रखी। शरद पवार ने बताया, कांग्रेस से चल रही लंबी बातचीत से नाराज होकर अजित पवार ने भाजपा के साथ जाने का कदम उठाया था। उन्होंने बताया कि अजित का मानना था कि जब शिवसेना के शामिल होने से पहले कांग्रेस इतनी लंबी बातचीत कर रही है तो यह सरकार नहीं चल सकती।
एक टीवी चैनल में दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया, उन्हें देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की बातचीत के बारे में जानकारी थी, लेकिन यह नहीं पता था कि वे इतने आगे बढ़कर सरकार बना लेंगे।
फडणवीस अजित पवार के शपथ लेने से एक रात पहले 22 नवंबर को कांग्रेस और एनसीपी की बैठक हुई थी। शरद पवार ने कहा, कांग्रेस अतिरिक्त मंत्री पद मांग रही थी। अजित इससे काफी दुखी थे। मैं और अजित दोनों लोग बैठक से बाहर आ गए। लेकिन मुझे ये नहीं पता था कि वे अगले दिन क्या कदम उठाएंगे। इसी रात उनकी फडणवीस के साथ बैठक हुई।
'भाजपा के साथ सरकार बनाने की जानकारी नहीं थी'
एनसीपी प्रमुख ने उन अफवाहों से इनकार कर दिया था, जिनमें कहा जा रहा था कि अजित पवार के भाजपा के साथ जाकर सरकार बनाने के फैसले में वे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि भाजपा की तुलना में शिवसेना के साथ काम करना ज्यादा आसान है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि शिवसेना सरकार में हिंदुत्व नहीं लाएगी।
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