
Shraddha Murder Case: श्रद्धा का कातिल आफताब लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है। शातिर आफताब ने कत्ल के बाद सबूत मिटाने के लिए ऐसे-ऐसे काम किए, जिनके बारे में जानकर पुलिस भी शॉक्ड है। इसी बीच, श्रद्धा की दो साल पुरानी एक फोटो सामने आई है, जिसमें उसके साथ हुई दरिंदगी साफ देखी जा सकती है। इस फोटो में श्रद्धा के चेहरे पर चोट के कई निशान नजर आ रहे हैं। तस्वीर में श्रद्धा की नाक, चेहरे और गर्दन के नीचे मारपीट के निशान साफ देखे जा सकते हैं।
दरिंदगी के बाद 3 दिन अस्पताल में भर्ती रही श्रद्धा :
बता दें कि श्रद्धा वालकर की ये तस्वीर 2020 की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आफताब ने दो साल पहले भी श्रद्धा के साथ जमकर मारपीट की थी। यहां तक कि उसे इतनी चोट आई थी कि इसके बाद श्रद्धा को तीन दिन तक अस्पताल में एडमिट रहना पड़ा था। ये तस्वीर इस बात की ओर इशारा करती है कि श्रद्धा और आफताब के बीच लंबे समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। ये बात श्रद्धा ने अपने दोस्त लक्ष्मण नडार को भी बताई थी।
Shraddha Murder Case: क्या ये 10 सबूत आफताब को पहुंचाएंगे फांसी के फंदे तक
क्या श्रद्धा को पहले ही था अपने कत्ल का डर?
श्रद्धा ने अपने करीबी दोस्त लक्ष्मण को फोन पर बताया था कि उसके और आफताब के बीच अक्सर मारपीट होती है। आफताब उसे आए दिन पीटता है। यहां तक कि श्रद्धा ने लक्ष्मण से ये बात भी कही थी कि कहीं वो उसकी जान न ले ले। हालांकि, सोचने वाली बात ये है कि इतना दर्द सहते हुए भी आखिर श्रद्धा की ऐसी कौन-सी मजबूरी थी कि उसने आफताब का साथ नहीं छोड़ा।
कत्ल के बाद सबूत मिटाने के लिए आफताब ने किया ये काम :
1- श्रद्धा वालकर की हत्या के बाद आफताब ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए अमेरिकी क्राइम ड्रामा सीरिज 'डेक्स्टर' से आइडिया लिया था। इसके साथ ही उसने लाश को डिस्पोज करने के लिए इंटरनेट पर भी काफी सर्च किया था।
2- कत्ल के बाद सबूत मिटाने के लिए आफताब ने किसी शातिर सीरियल किलर की तरह काम किया। उसने करीब 10 घंटे तक आराम से लाश के छोटे-छोटे 35 टुकड़े किए, ताकि उन्हें आसानी से कहीं भी डिस्पोज कर सके।
3- इसके बाद उसने खून को साफ करने के लिए बाथरूम में लगातार उसे पानी से धोया। पुलिस का कहना है कि इसके लिए उसने पहले ही एक वैक्यूम क्लीनर भी खरीद लिया था। ताकि खून के एक-एक छींटे को वो साफ कर सके।
4- खून के निशान पर बेंजीन टेस्ट का कोई असर न हो, इसके लिए शातिर आफताब ने पहले ही किसी ऐसे केमिकल से बाथरूम को धो दिया था, जिस पर बेंजीन डालने के बाद भी खून का कोई पता न चले। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने खून के निशान ढूंढने के लिए बेंजीन टेस्ट किया था, लेकिन उसे खून के धब्बे नहीं मिले।
5- लाश के 35 टुकड़े करने के बाद आफताब ने इन्हें पॉलिथिन में पैक कर एक बड़े से फ्रिज में रखा। इसके बाद वो हर रोज रात 2 बजे के बाद एक-एक टुकड़ा बड़ी ही चालाकी से महरौली के जंगल में अलग-अलग जगह पर फेंकता गया।
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