
MSP Price demand to raise again by SKM: 18वीं लोकसभा में पेश होने जा रहे बजट के पहले ही किसानों ने एक बार फिर एमएसपी की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा की दिल्ली में हुई राज्य प्रतिनिधियों की मीटिंग में यह तय हुआ कि एमएसपी पर संसद में दबाव बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा सभी संसद सदस्यों, लोकसभा व राज्यसभा, दोनों से मुलाकात कर अपनी बात रखेगा। विपक्ष के सांसदों से एनडीए सरकार पर दबाव बनाने की मांग करेगा। एसकेएम का प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी और नेता प्रतिपक्ष से भी मिलकर अपनी मांग रखेगा।
16, 17 और 18 जुलाई को करेगा एसकेएम सांसदों से मुलाकात
बजट सत्र के पहले संयुक्त किसान मोर्चा के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधिमंडल 16, 17 और 18 जुलाई को लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से मुलाकात कर एमएसपी सहित किसानों के विभिन्न मुद्दों पर संसद में आवाज उठाने की मांग करेगा। एसकेएम नेतृत्व प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता से मिलने का समय मांगेगा और उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपेगा।
कॉरपोरेट्स भारत छोड़ो दिवस मनाएगा एसकेएम
एसकेएम की मीटिंग में यह भी निर्णय हुआ कि संगठन, 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन दिवस को इस बार "कॉरपोरेट्स भारत छोड़ो दिवस" के रूप में मनाएगा। किसानों के मांग पत्र के साथ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेगा। किसानों के बीच भारत को डब्ल्यूटीओ से बाहर लाने और कृषि उत्पादन और व्यापार में बहुराष्ट्रीय कंपनी पर प्रतिबंध की मांग का प्रचार किया जाएगा।
पंजाब के मंत्रियों का घेराव 17 अगस्त को करेगा एसकेएम
एसकेएम पंजाब यूनिट द्वारा 17 अगस्त 2024 को पंजाब सरकार के मंत्रियों और मुख्यमंत्री के घर पर 3 घंटे विरोध प्रदर्शन करेगा। इसमें गंभीर जल संकट, कर्ज का बोझ, रोड कॉरिडोर्स के माध्यम से भारत-पाकिस्तान व्यापार खोलना और मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा सत्ता और संसाधनों के केंद्रीकरण की नीति के खिलाफ पंजाब की संघीय मांगों को शामिल किया जाएगा। इसी दिन एसकेएम सभी राज्यों में जल संकट और जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव तथा जल, भूमि, वन और खनिज सहित प्राकृतिक संसाधनों के वस्तुकरण के खिलाफ बड़े सेमिनार आयोजित करेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग में कौन-कौन रहे मौजूद
एसकेएम की मीटिंग में आम सभा के अध्यक्ष मंडल में डॉ. अशोक धावले, डॉ. दर्शन पाल, युद्धवीर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, रेवुला वेंकैया, मेधा पाटकर, सत्यवान, रुलदू सिंह मानसा, डॉ. सुनीलम, अविक साहा, डॉ. आशीष मित्तल, तजिंदर सिंह विर्क, पी कृष्णप्रसाद, आर वेंकैया, प्रेम सिंह गहलावत और कंवरजीत सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। हन्नान मोल्ला ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया। मीटिंग में 17 राज्यों से 143 प्रतिनिधि शामिल हुए।
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