नरेन्द्र मोदी क्यों जीतते हैं बार-बार..? अमेरिकी सोशियोलॉजिस्ट ने बताया उनकी कामयाबी का सबसे बड़ा फॉर्मूला

Published : Nov 24, 2022, 01:19 PM ISTUpdated : Nov 24, 2022, 04:26 PM IST
नरेन्द्र मोदी क्यों जीतते हैं बार-बार..? अमेरिकी सोशियोलॉजिस्ट ने बताया उनकी कामयाबी का सबसे बड़ा फॉर्मूला

सार

अमेरिकी सोशियोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर काम कर रहे डॉ. सल्वाटोर बाबोन्स (Salvatore Babones) ने पीएम मोदी और उनकी सरकार के कामकाज की तारीफ की है। बाबोन्स ने एक ट्वीट के जरिए बताया है कि मिस्टर मोदी हर बार क्यों जीतते हैं और उनकी कामयाबी का सबसे बड़ा फॉर्मूला आखिर क्या है?

नई दिल्ली। अमेरिकी सोशियोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर काम कर रहे डॉ. सल्वाटोर बाबोन्स (Salvatore Babones) ने पीएम मोदी और उनकी सरकार के कामकाज की तारीफ की है। बाबोन्स ने एक ट्वीट के जरिए बताया है कि मिस्टर मोदी हर बार क्यों जीतते हैं? एक शब्द में कहूं तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह 'जनता की सेवा' है। मोदी आज जिस पोजिशन पर हैं, उसके पीछे सबसे बड़ी वजह पब्लिक सर्विस (जनता की सेवा) को लेकर उनका समर्पण है। बाबोन्स ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने मोदी की कामयाबी का सबसे बड़ा फॉर्मूला बताया है। उन्होंने कहा कि मोदी खुद को मालिक नहीं बल्कि जनता का सेवक समझते हैं।  

विंस्टन चर्चिल के कोट से शुरू की बात : 
बाबोन्स ने अपनी बात ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के एक कोट से शुरू की, जिसमें वो कहते हैं- 'लोकतंत्र सरकार का सबसे खराब रूप है जो, समय-समय पर आजमाए गए अन्य सभी रूपों के लिए स्वीकार किया जाता है।' बाबोन्स कहते हैं कि मेरे कुछ इंटेलेक्चुअल दोस्त इस बात पर ठहाका लगाते हैं और कहते हैं कि लोकतंत्र कितना बुरा है, लेकिन वो इस कोट को पूरा नहीं बताते हैं। मैं इसे पूरा करता हूं। 'लोकतंत्र सरकार का सबसे खराब रूप है जो, समय-समय पर आजमाए गए अन्य सभी रूपों के लिए स्वीकार किया जाता है, लेकिन हमारे देश में यह व्यापक भावना है कि जनता को लगातार शासन करना चाहिए, जनमत में शासन करना चाहिए। सभी संवैधानिक साधनों द्वारा मंत्रियों के कामों को निर्देशित और नियंत्रित करना चाहिए, क्योंकि वो जनता के सेवक हैं न कि स्वामी।'

इस कोट की भावनाओं को अच्छी तरह समझते हैं मोदी : 
मुझे नहीं लगता कि नरेंद्र मोदी विंस्टन चर्चिल के प्रशंसक हैं और ज्यादातर भारतीय भी नहीं होंगे। लेकिन पिछले दो दशक में जिस तरह मोदी की पॉपुलैरिटी बढ़ी है, शायद वो इस कोट के सेंटीमेंट को अच्छी तरह समझते हैं। ऐसा नहीं है कि मोदी बहुत अच्छे स्किल्ड एडमिनिस्ट्रेटर हैं। 20 साल में ऐसे कई मौके आए हैं, जब बीजेपी और नरेन्द्र मोदी को असफलता देखनी पड़ी है। ऐसा भी नहीं है कि राष्ट्रवाद (Nationalism) मोदी की कामयाबी का कारण है। कांग्रेस के तो मिडिल नेम में ही 'नेशनल' है। मोदी की कामयाबी हिंदुत्व की वजह से भी नहीं है, क्योंकि 20% मुस्लिम बीजेपी के हिंदुत्व प्रोग्राम की वजह से उन्हें वोट नहीं देते। 

तो फिर क्या है नरेन्द्र मोदी की कामयाबी की वजह?  
अगर नरेन्द्र मोदी लगातार कामयाब हो रहे हैं, तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि वो साफतौर पर समझते हैं कि वो भारत के मालिक (Master) नहीं बल्कि उसके नौकर (Servant) हैं। अगर कोई उन्हें चुनाव में हराना चाहता है तो उसे भी जनता की सेवा (Public Service) में उसी समर्पण के साथ लगना होगा, जिसके साथ वो काम करते हैं। शायद यही वजह है कि बीजेपी के लिए आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल हमेशा राहुल गांधी से ज्यादा बड़ा खतरा हैं। कांग्रेस जनता के लिए जो कुछ भी करती है, उसके बाद भी एक हार्डवर्कर और पब्लिक सर्विस के तौर पर केजरीवाल की रेपुटेशन कहीं ज्यादा मजबूत है। चुनावों में यही बात सबसे ज्यादा मैटर करती है। 

कौन हैं सल्वाटोर बाबोन्स?
सल्वाटोर बाबोन्स एक अमेरिकी समाजशास्त्री और सिडनी विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनका जन्म 5 अक्टूबर, 1969 को न्यूजर्सी, अमेरिका में हुआ था। बाबोन्स ने कई किताबें और एकेडमिक आर्टिकल्स लिखे हैं। वह कई पुस्तकों, कई अकादमिक लेखों के लेखक हैं। उन्होंने विदेशी मामलों के अलावा अल-जजीरा इंग्लिश, क्वाड्रैन्ट, द ऑस्ट्रेलियन और ट्रूथआउट के लिए भी काम किया है। 2003 में उन्होंने जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। इसके बाद 2003 से 2008 के बीच पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी के प्रोफेसर रहे। 2008 से वे सिडनी यूनिवर्सिटी में काम कर रहे हैं। 

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