सोनम वांगचुक के पाक लिंक के आरोपों का खंडन, लद्दाख प्रदर्शन का सच, पत्नी ने किसे ठहराया जिम्मेदार?

Published : Sep 28, 2025, 06:25 PM IST
Sonam Wangchuk Wife Statement

सार

सोनम वांगचुक की पत्नी ने पाकिस्तान और हिंसा आरोपों का खंडन किया। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, सीआरपीएफ की कार्रवाई के बाद स्थिति बिगड़ी। वांगचुक की नज़रबंदी और आरोपों का पूरा विवरण पढ़ें।

Sonam Wangchuk Wife Statement: जेल में बंद लद्दाख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर पाकिस्तान से जुड़े आरोपों ने विवाद और ध्यान खींचा है। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने इन आरोपों का खंडन किया और बताया कि वांगचुक की विदेश यात्राएँ पूरी तरह पेशेवर और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर और हिमालय की चोटी किसी सीमा नहीं देखती, और उनके पति की भागीदारी ‘ब्रीद पाकिस्तान’ जैसे सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय पर्वतीय सहयोग का हिस्सा थी।

लद्दाख हिंसा के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?

अंगमो ने स्पष्ट किया कि वांगचुक ने किसी भी तरह की हिंसा भड़काने की योजना नहीं बनाई थी। लेह में छठी अनुसूची और राज्य दर्जा देने के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ी, जब सीआरपीएफ ने आंसू गैस के गोले छोड़े। अंगमो ने सवाल उठाया कि “सीआरपीएफ को अपने ही लोगों पर गोली चलाने का अधिकार किसने दिया?” यह साफ करता है कि हिंसा की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जुड़ी है।

क्या वांगचुक की विदेश यात्राएं सच में पेशेवर और जलवायु केंद्रित थीं?

अंगमो ने कहा कि वांगचुक की यात्राएँ पेशेवर थीं और जलवायु संबंधी मुद्दों पर केंद्रित थीं। उन्होंने बताया कि उनका पति जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियर संरक्षण के मुद्दों पर विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेते रहे हैं। उनके शब्दों का गलत अनुवाद और संदर्भ से हटकर पेश किया जाना इस मामले की सबसे बड़ी ग़लतफहमी है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा कैसे फैल गई?

24 सितंबर को लद्दाख में विरोध प्रदर्शन के दौरान चार लोगों की मौत और लगभग 90 घायल हुए। पुलिस ने कहा कि स्थिति बिगड़ने में टीवीके कार्यकर्ताओं और आयोजकों की सहयोग की कमी और स्वयंसेवकों की कमी भी एक कारक थी। अंगमो ने कहा कि उनके पति की भूमिका पूरी तरह शांतिपूर्ण थी, और हिंसा केवल अप्रत्याशित प्रतिक्रिया का परिणाम थी।

एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने के आरोपों में कितना सच?

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वांगचुक के एनजीओ का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया। अंगमो ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि संस्थान पूरी तरह सामाजिक और पर्यावरणीय नवाचार और अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध है। सोनम वांगचुक के मामले ने लद्दाख आंदोलन, सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और अंतर्राष्ट्रीय जलवायु कार्यकर्ता के मुद्दों पर राष्ट्रीय ध्यान खींचा है। उनकी पत्नी का बयान साफ करता है कि ये विरोध प्रदर्शन गांधीवादी और शांतिपूर्ण थे, और मीडिया में उनके विरोध की छवि कई बार गलत पेश की गई।

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