
नई दिल्ली. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की शनिवार को प्रार्थना सभा हुई। इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित ने उनके बुरे वक्त में भी साथ दिया। 20 जुलाई को शीला दीक्षित का निधन हो गया था। उन्हें कॉर्डियक अरेस्ट हुआ था।
सोनिया ने बताया कि जब मैं अपने दुख से बाहर आईं तो उन्होंने मुझसे पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा था। जब मैं अध्यक्ष बनी तो उन्होंने हमेशा एक बड़ी बहन की तरह मार्गदर्शन किया। इससे पहले सोनिया ने कहा था कि वह मेरी बड़ी बहन और दोस्त थीं। हमेशा मुझे उनका समर्थन मिला।
जीवन का आखिरी चुनाव हार गईं थीं शीला
शीला दीक्षित आखिरी वक्त तक राजनीति में सक्रिय रहीं। उन्होंने 2019 में भी उत्तर-पूर्व दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ी थीं। हालांकि, उन्हें भाजपा के मनोज तिवारी के सामने हार मिली। इससे पहले 2014 में उन्हें केरल का राज्यपाल बनाया गया था। वे 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं।
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