क्या गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी तय है, जब CBI उनके भोपाल घर पहुंच चुकी है? क्या ट्विशा शर्मा केस में WhatsApp चैट्स और 7 चोटें बड़े राज़ खोलेंगी? क्या हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम ज़मानत रद्द होना जांच को नई दिशा दे रहा है? क्या सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप पूर्व जज को कानूनी घेरे में ला देंगे?

Twisha Sharma Case Update: मध्य प्रदेश के न्यायिक और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गुरुवार को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी (CBI) की एक विशेष टीम पूर्व जज गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित आलीशान बंगले पर धमक पड़ी। यह हाई-वोल्टेज ड्रामा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के महज कुछ ही घंटों बाद शुरू हुआ। हाई कोर्ट के वेकेशन जज जस्टिस देवनारायण मिश्रा ने अपने 17 पन्नों के कड़े आदेश में सेशंस कोर्ट द्वारा पूर्व जज को दी गई सुरक्षा की ढाल को पूरी तरह से उखाड़ फेंका। जैसे ही कानूनी ढाल हटी, वैसे ही पूर्व महिला जज की गिरफ्तारी की अटकलें और सस्पेंस चरम पर पहुंच गया है। क्या एक पूर्व जज को सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा?

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7 गहरे जख्म और WhatsApp चैट्स: क्या बंद कमरों में घोंटा गया ट्विशा का दम?

  • इस खौफनाक मामले की शिकार ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं, जिनकी शादी 19 दिसंबर, 2025 को पूर्व जज के वकील बेटे समर्थ सिंह से हुई थी।
  • शादी के महज कुछ ही महीनों बाद, 12 मई को भोपाल में ससुराल के बंद कमरे में ट्विशा की लाश फंदे से लटकी मिली।

इस मामले में सस्पेंस और वीभत्सता तब बढ़ गई जब मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने हाई कोर्ट के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए:

  • AIIMS भोपाल की रिपोर्ट का खुलासा: ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले के 7 गंभीर चोटों के निशान (Antemortem Injuries) मिले हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये चोटें फंदे से लाश उतारते वक्त नहीं लग सकती थीं।
  • गर्भपात का खूनी दबाव: आरोप है कि ट्विशा के गर्भवती होने के बाद पति और सास ने उसके चरित्र पर शक किया और उसे जबरन अबॉर्शन (गर्भपात) कराने के लिए मजबूर किया।
  • क्रूर WhatsApp चैट्स: मृतका के मोबाइल से मिले मैसेजेस साफ बयां करते हैं कि ससुराल के अंदर उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किस कदर किया जा रहा था।

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सबूतों से खिलवाड़ और 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' का दुस्साहस: पूर्व जज ने चली न्यायिक चाल?

  • अदालत में अभियोजन पक्ष और ट्विशा के परिवार के वकीलों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए।
  • वकीलों का दावा है कि गिरिबाला सिंह ने अपनी पुरानी न्यायिक सेवा के अनुभव और रसूख का इस्तेमाल करके न केवल 'क्राइम सीन' (घटनास्थल) के साथ छेड़छाड़ की, बल्कि सबूतों को भी प्रभावित करने की कोशिश की।
  • सनसनी तब और फैल गई जब यह बात सामने आई कि 15 मई को भोपाल के 10वें अतिरिक्त सेशंस जज से चालाकी से अग्रिम जमानत पाने के बाद, पूर्व जज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
  • आरोप है कि उन्होंने मृतका ट्विशा की छवि को खराब करने और जनता को गुमराह करने के लिए पुलिस द्वारा जब्त किए गए CCTV फुटेज के चुनिंदा हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल करवा दिए।
  • हाई कोर्ट ने इस चालाकी और जांच में असहयोग को बेहद गंभीरता से लिया।

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सुप्रीम कोर्ट का वो एक आदेश: और CBI के शिकंजे में तड़प उठा रसूखदार परिवार!

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह के अनुसार "हाई कोर्ट ने आरोपी के रसूख, चोटों की गंभीरता और जांच में लगातार किए गए असहयोग को देखते हुए जमानत रद्द की है। अब यह पूरी तरह CBI को तय करना है कि वे इस पूर्व जज को कब और कैसे कस्टडी में लेते हैं।" इस मामले में कानूनी मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने कई अदालतों में उलझी इस कार्यवाही को देखते हुए सीधे CBI को जांच अपने हाथ में लेने का आदेश दिया। CBI ने केस डायरी मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की FIR को री-रजिस्टर किया और एक्शन मोड में आ गई। ट्विशा का पति समर्थ सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे CBI की रिमांड पर है और अपने गुनाहों के पन्ने खोल रहा है।

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क्या सलाखों के पीछे गुजरेंगी रातें? पुख्ता हो रही है गिरफ्तारी की स्क्रिप्ट

गुरुवार की दोपहर जब CBI की टीम पूर्व जज के भोपाल स्थित आवास पर पूछताछ के लिए दाखिल हुई, तो पड़ोसियों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक सन्नाटा पसर गया। सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में गिरिबाला सिंह से तीखे सवाल-जवाब किए गए हैं। जांचकर्ता अब इस बात पर अंतिम मंथन कर रहे हैं कि दहेज उत्पीड़न, हत्या की आशंका और सबूत मिटाने के इस उलझे हुए जाल को सुलझाने के लिए पूर्व जज को हिरासत में लेना कितना जरूरी है। कानूनी जानकारों की मानें तो, हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी अब सिर्फ चंद घंटों का सस्पेंस बनकर रह गई है!