
Sonia Gandhi elected CPP Chairperson: कांग्रेस संसदीय दल की मीटिंग शनिवार शाम को आयोजित किया गया। संसदीय दल की मीटिंग में सोनिया गांधी को सर्वसम्मति से कांग्रेस पॉर्लियामेंट्री पार्टी का चेयरपर्सन चुना गया। संसदीय दल की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोनिया गांधी का नाम संसदीय दल के अध्यक्ष के रूप में प्रस्तावित किया। गौरव गोगाई, तारिक अनवर और के.सुधाकरण ने भी इस प्रपोजल का समर्थन किया। इसके बाद उनको सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया।
सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाने की मांग
इसके पहले शनिवार को सुबह 11 बजे कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग में राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाने का प्रस्ताव पेश हुआ। हालांकि, इस प्रस्ताव को राहुल गांधी ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने इस बारे में सोचने के लिए समय मांगा। करीब तीन घंटे तक चली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
देश में 10 साल से नेता प्रतिपक्ष कोई नहीं
देश में पिछले 10 सालों से नेता प्रतिपक्ष कोई नहीं है। 2014 में कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थी। तो तत्काली लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नेता प्रतिपक्ष का फैसला नहीं किया। उन्होंने कांग्रेस को यह पद देने से इनकार कर दिया था। 2019 में भी 52 सीटें जीतने वाली कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया गया। अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस के नेता तो थे लेकिन उनको नेता प्रतिपक्ष का दर्जा सरकार ने नहीं दिया। पिछले दस सालों से नेता प्रतिपक्ष के बिना लोकसभा चल रही है। लेकिन इस बार कांग्रेस के पास 99 सीटें हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का पद अब उसे पाने से नहीं रोका जा सकता है। नियमानुसार, नेता प्रतिपक्ष के लिए उस पार्टी के पास लोकसभा सदस्यों की संख्या का दस प्रतिशत सदस्य संख्या होना चाहिए। यानी कम से कम 54 सीटें नेता प्रतिपक्ष होने के लिए उस पार्टी के पास जरूरी है।
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