छात्र ने कहा- सीने में दर्द है, टीचर बोला- चुपचाप बैठ, और बच्चे की क्लास में मौत

Published : Sep 19, 2024, 11:51 AM IST
छात्र ने कहा- सीने में दर्द है, टीचर बोला- चुपचाप बैठ, और बच्चे की क्लास में मौत

सार

कर्नाटक के एक स्कूल में सीने में दर्द की शिकायत के बाद एक छात्र की मौत हो गई, जिससे शिक्षक की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। छात्र ने शिक्षक से घर जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया, जिसके बाद उसकी कक्षा में ही मौत हो गई।

यादगीर: कर्नाटक के यादगीर जिले के शाहपुर शहर के एक निजी आवासीय विद्यालय में एक दर्दनाक घटना घटी है। एक छात्र को कक्षा में सीने में दर्द की शिकायत हुई, लेकिन शिक्षक ने उसे नजरअंदाज कर दिया और उसे कक्षा में ही बैठाए रखा। इसके बाद छात्र की तबियत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।

मृतक छात्र की पहचान चेतन (17) के रूप में हुई है। वह दसवीं कक्षा का छात्र था। बताया जा रहा है कि चेतन पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ था। उसके माता-पिता उसे अस्पताल भी ले गए थे, जहाँ से इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया था। सोमवार को स्कूल में टेस्ट था, इसलिए चेतन बीमार होने के बावजूद स्कूल गया था। टेस्ट के दौरान उसे उल्टी होने लगी और उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। उसने शिक्षक से घर जाने की अनुमति मांगी और बताया कि उसे सीने में दर्द हो रहा है। लेकिन शिक्षक ने उसकी एक न सुनी और उसे डांटते हुए कक्षा में ही बैठा दिया। चेतन की बहन ने भी शिक्षक से गुहार लगाई कि वह उसके माता-पिता को फोन करने दे, लेकिन शिक्षक ने उसे भी डांट दिया।

 

सीने में दर्द के बावजूद चेतन कक्षा में बैठा रहा। अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। छात्रों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत की खबर सुनकर माता-पिता बिलख पड़े। उन्होंने शिक्षक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की मौत शिक्षक की लापरवाही के कारण हुई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा महिला ‘शादी के झूठे वादे’ पर रेप केस क्यों नहीं कर सकती?
Pariksha Pe Charcha: PM मोदी छात्रों को देंगे तनाव मुक्त परीक्षा के टिप्स, जानें कब और कैसे जुड़ें?