वैक्सीन को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं, जानिए क्या कहते हैं देश के 2 ख्यात डॉक्टर

Published : May 15, 2021, 01:26 PM ISTUpdated : May 15, 2021, 01:46 PM IST
वैक्सीन को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं, जानिए क्या कहते हैं देश के 2 ख्यात डॉक्टर

सार

कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन वैक्सीन की कमी भी विभिन्न राज्यों में एक बड़ी समस्या है। वैक्सीन को लेकर राजनीति भी जबर्दस्त हो रही है। इस बीच एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया और मेदांता के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन ने वैक्सीन को लेकर अपनी राय रखी है।

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद से देश में वैक्सीनेशन को लेकर युद्धस्तर पर काम हो रहा है। हालांकि इसे लेकर राजनीति भी अपने चरम पर है। वैक्सीन की कमी को लेकर विभिन्न राज्य पैनिक हैं। लोग भी जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने को लेकर उतावले दिखाई दे रहे हैं। इस बीच देश को दो जाने-माने डॉक्टरों ने इसे लेकर अपनी राय रखी।

डॉक्टरों की राय

  • मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा-आज वैक्सीन के लिए पैनिक करना उचित नहीं है। मेरा विचार है कि जहां कोरोना के हॉटस्पॉट हैं वहां 6 हफ़्ते में वैक्सीन लगनी चाहिए, लेकिन जहां केस कम हो रहे है वहां डोज़ के बीच का समय बढ़ाया जा सकता है।
  • एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा- वैक्सीन स्ट्रेटजी का एक हिस्सा है, हमें स्वास्थ्य के अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और कोविड उपयुक्त व्यवहार को सुनिश्चित करना होगा। वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर वैक्सीन की हमेशा कुछ ना कुछ कमी होगी। संभवत दो महीने में बड़ी संख्या में वैक्सीन उपलब्ध होगी क्योंकि वैक्सीन उत्पादक कंपनियां अपने उत्पादन प्लांट खोलना शुरू कर देंगी और बाहर से भी हमें वैक्सीन मिलेगी।

इस तरह बढ़ते जाएंगे डोज
केंद्र सरकार आशा जता रही है कि 18 साल से 44 साल तक की उम्र की करीब 95 करोड़ की आबादी का दिसंबर तक वैक्सीनेशन हो जाएगा। कहा जा रहा है कि जुलाई तक वैक्सीन पर्याप्त मिलने लगेगी। यानी मई में 8.5 करोड़, जून में 10 करोड़, जुलाई में 15 करोड़, अगस्त में 36 करोड़, सितंबर में 50 करोड़, अक्टूबर में 56 करोड़, नवंबर में 59 करोड़ और दिसंबर में वैक्सीन के 65 करोड़ डोज मिलने की संभावना जताई जा रही है। रूस की वैक्सीन स्पुतनिक-वी के बारे में भी कहा जा रहा है कि इसके मई में ही 60 लाख डोज मिल जाएंगे। इसके जून में एक करोड़, जुलाई में 2.5 करोड़ और अगस्त में 1.6 करोड़ डोज मिल सकते हैं। सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड के जून में 6.5 करोड़, जुलाई में 7 करोड़, अगस्त में 10 करोड़ और सितंबर में 11.5 करोड़ डोज मिलने की संभावना है। जबकि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के जून में 2.5 करोड़, जुलाई और अगस्त में 7.5-7.5 करोड़, सितंबर में 7.7 करोड़, अक्टूबर और नवंबर में 10.2-10.2 करोड़ वहीं दिसंबर में 13.5 करोड़ डोज मिल सकते हैं। यानी अगस्त से दिसंबर तक हर दिन करीब 90 लाख टीके लगेंगे। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने बताया कि अगस्त से दिसंबर तक वैक्सीन की 216 करोड़ डोज तैयार कर ली जाएगी। वहीं, कोई भी वैक्सीन जिसे FDA या WHO ने अप्रूव किया, वो भारत आ सकेगी।

यह भी जानें
बता दें कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 11,03,625 वैक्सीन लगाई गईं, जिसके बाद कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 18,04,57,579 हुआ। अब तक 18-44 साल की उम्र के 42 लाख से ज़्यादा लोगों को कोविड की वैक्सीन लगाई गई है।

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