कौन है सुहाग शुक्ला? जिसने शशि थरूर को दिया करारा जवाब

Published : Oct 07, 2025, 10:02 AM IST
Diaspora involvement in India-US policy

सार

इंडियन-अमेरिकी नेता सुहाग शुक्ला ने शशि थरूर के प्रवासियों की चुप्पी वाले बयान पर जवाब दिया। HAF के जरिए वे हिंदू अधिकारों और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत कर रही हैं।

Hindu American Foundation (HAF): अमेरिका में हिंदू अधिकारों की आवाज़ सुहाग ए. शुक्ला ने हाल ही में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। थरूर ने भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों की “चुप्पी” पर सवाल उठाया था, खासकर H-1B वीज़ा फीस, टैरिफ और भारत-अमेरिका संबंधों पर। उनका कहना था कि इंडियन डायस्पोरा अमेरिका में भारत के हितों के लिए पर्याप्त आवाज़ नहीं उठा रही। लेकिन सुहाग शुक्ला ने इसे गलत और अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय वर्षों से अमेरिकी कानून और नियमों के भीतर भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने का काम कर रहा है। शुक्ला ने लिखा, “हम भारत सरकार के प्रॉक्सी नहीं हैं।” उनका मतलब था कि डायस्पोरा अपनी स्वतंत्र राय रख सकती है और उनका मुख्य फोकस अमेरिका में हिंदू समुदाय और उसकी छवि को मजबूत करना है।

सुहाग शुक्ला कौन हैं और अमेरिका में क्या करती हैं?

सुहाग ए. शुक्ला एक इंडियन-अमेरिकी हिंदू एक्टिविस्ट हैं। वह हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) की सह-संस्थापक और कार्यकारी डायरेक्टर हैं। HAF की स्थापना 2004 में हुई थी और इसका मकसद अमेरिका में हिंदू समुदाय के अधिकारों की रक्षा करना और हिंदू संस्कृति को बढ़ावा देना है। सुहाग शुक्ला ने शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर काम किया है। वह स्कूलों में हिंदू इतिहास सही तरीके से पढ़ाने, एंटी-हिंदू भेदभाव रोकने और हिंदू योगदान को सामने लाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। इसलिए उन्हें अक्सर ‘हिंदू राइट्स वॉरियर’ कहा जाता है।

शशि थरूर के बयान पर सुहाग शुक्ला ने क्या कहा?

थरूर ने डायस्पोरा से आशा जताई थी कि वे भारत के हित में अमेरिका की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाएं। इस पर सुहाग शुक्ला ने जवाब दिया कि प्रवासी समुदाय की वफादारी अमेरिका के प्रति है, लेकिन वे हमेशा भारत की सकारात्मक छवि पेश करने में जुटे रहते हैं। उन्होंने कहा कि थरूर का बयान प्रवासियों की मेहनत और उनकी विश्वसनीयता को कम करके आंकता है।

क्या इंडियन डायस्पोरा सच में निष्क्रिय है?

सुहाग शुक्ला के अनुसार, यह धारणा गलत है। डायस्पोरा अमेरिका में हिंदू अधिकारों और भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूती देने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना है कि प्रवासियों की आवाज़ स्वतंत्र है और वे भारत के राजनीतिक मुद्दों में सीधे सलाहकार नहीं हैं।

सोशल मीडिया पर सुहाग शुक्ला का समर्थन क्यों बढ़ा?

सुहाग शुक्ला के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारत-अमेरिका डायस्पोरा की भूमिका पर बहस शुरू हो गई। कई लोग मान रहे हैं कि डायस्पोरा की आवाज़ स्वतंत्र और जिम्मेदार है, और वे अमेरिका में रहने के बावजूद भारत के प्रति सकारात्मक योगदान देती हैं।

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