
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने मंगलवार को मुंबई में आरे जंगल मामले में सुनवाई की। बेंच ने महाराष्ट्र सरकार को और पेड़ो की कटाई रोकने का आदेश दिया है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भरोसा दिलाया है कि अब और पेड़ नहीं काटे जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही आरे में पेड़ों की कटाई का विरोध करने पर गिरफ्तार किए हुए सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ने का आदेश दिया है। मेहता ने कोर्ट को विश्वास दिलाया, जो लोग गिरफ्तार किए गए, उन्हें बिना देरी के गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भी केस में एक पक्ष के तौर पर रखने को कहा है। अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
ये है मामला
'आरे कालोनी' में मेट्रो कारशेड के निर्माण को लेकर पेड़ कटाई का जमकर विरोध हो रहा है। आरे जंगल में शुक्रवार रात उस समय हंगामा हो गया जब मुंबई मेट्रो साइट पर पेड़ काटने का काम शुरू हुआ तो पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे लोग वहां आ पहुंचे। पर्यावरण प्रेमी पेड़ कटाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। वे लोग उस बाउंड्री में भी घुसने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया था।
पेड़ काटने की कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के शुक्रवार को दिए गए आदेश के बाद शुरू हुई। मुंबई के आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड बनाए जाने के खिलाफ दायर चार याचिकाओं को शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
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