केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछा सवाल, शुक्रवार को देना होगा जवाब

Published : Apr 30, 2024, 07:06 PM IST
Arvind Kejriwal

सार

ईडी को सभी सवालों का जवाब शुक्रवार तक लिखित में कोर्ट में देना होगा। 3 मई को मामले की सुनवाई होगी।

Arvind Kejriwal arrest case: अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रही। दूसरे दिन की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कई सवाल पूछे और उनके जवाब मांगे। कोर्ट ने आम चुनाव से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की टाइमिंग सहित कई सवालों पर ईडी से जवाब मांगा है। ईडी को सभी सवालों का जवाब शुक्रवार तक लिखित में कोर्ट में देना होगा। 3 मई को मामले की सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट बेंच के जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि स्वतंत्रता बहुत ही महत्वपूर्ण है, आप इससे इनकार नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने गिरफ्तारी की टाइमिंग, कार्रवाई शुरू होने के कुछ समय के बाद बार-बार शिकायत दर्ज करने के लिए गैप के बारे में भ पूछा।

जस्टिस संजीव खन्ना ने ईडी से पूछे कई सवाल...

  1. आम चुनाव से पहले अरेस्ट क्यों?
  2. क्या न्यायिक कार्यवाही के बिना यहां जो कुछ हुआ है उसके संदर्भ में आपराधिक कार्यवाही शुरू कर सकते हैं?
  3. इस मामले में अभी तक कुर्की की कार्रवाई क्यों कोई शुरू नहीं हुई। यदि हुई है तो दिखाएं कि मामले में केजरीवाल कैसे शामिल हैं?
  4. हमें बताएं कि केजरीवाल मामला कहां है? उनका मानना है कि धारा 19 की सीमा, जो अभियोजन पर जिम्मेदारी डालती है, न कि आरोपी पर। इस प्रकार नियमित जमानत की मांग नहीं होती। क्योंकि वे धारा 45 का सामना कर रहे हैं। जिम्मेदारी उन पर आ गई है।
  5. अब ईडी बताए कि हम इसकी व्याख्या कैसे करें? क्या हम सीमा को बहुत ऊंचा बनाएं या यह सुनिश्चित करें कि जो व्यक्ति दोषी है उसका पता लगाने के लिए मानक समान हों।
  6. कार्यवाही शुरू होने और फिर गिरफ्तारी आदि की कार्रवाई के बीच इतने समय का अंतराल क्यों?

सुनवाई के दौरान सिंघवी ने पेश की दलीलें...

सोमवार से अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को अवैध करार देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई जारी है। केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि ईडी ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद केजरीवाल को अरेस्ट किया। या तो ईडी के पास पर्याप्त सबूत हैं या कोई ऐसा आधार है जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं। जिन बयानों के आधार पर अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई वे 7 से 8 महीने पुराने हैं। राघव मंगुटा ने चार बयान दिए। सभी बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि अगर ईडी को लगता है कि अरविंद केजरीवाल मामले में दोषी हैं तो जांच एजेंसी ने उन्हें इतने समय तक खुला घूमने क्यों दिया? सितंबर 2022 में मामला सामने आया, तबसे कोई कार्रवाई नहीं की गई। अचानक से चुनाव घोषित होते ही अरेस्ट कर लिया गया। केजरीवाल कोई दुर्दांत अपराधीा या आतंकवादी नहीं हैं जो फ्लाइट पकड़कर भाग जाएंगे।

दरअसल, ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को अरेस्ट किया था। केजरीवाल तिहाड़ जेल में हैं। उनको कोर्ट ने 7 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा है।

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