
Ban PM Modi contesting election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नफरत फैलाने वाली स्पीच देने का आरोप लगाते हुए सु्प्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि पीएम मोदी ने हेट स्पीच दिए हैं, उन पर छह साल तक चुनाव लड़ने से बैन लगाया जाए। टॉप कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया है।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एससी शर्मा की बेंच ने मामले में मंगलवार को सुनवाई की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने मांग किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान नफरत फैलाने वाले भाषण दिए हैं। यह आदर्श चुनाव आचार संहिता का सरासर उल्लंघन है। आदर्श आचार संहिता उल्लंघन करने के आरोप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छह साल तक चुनाव लड़ने से रोक लगाई जाए। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से शिकायत के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने को कहा गया।
बेंच ने पेटीशनर से पूछा कि क्या आपने अधिकारियों से संपर्क किया है। परमादेश के लिए आपको पहले अधिकारियों से संपर्क करना होगा। कोर्ट के निर्देश के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली। मामला को वापस लिया गया मानते हुए खारिज कर दिया गया।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता आनंद एस जोंधले के माध्यम से याचिकाकर्ता फातिमा ने रिट दायर की थी। याचिका में रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपुल्स एक्ट के तहत पीएम मोदी को छह साल के लिए चुनाव से अयोग्य घोषित करने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई थी।
बनारस से चुनाव लड़ रहे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के बनारस संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। 14 मई को नामांकन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपना नामांकन दाखिल किया है। पीएम मोदी बनारस से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। पहली बार वह 2014 में लोकसभा चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में उन्होंने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को हराया था। दूसरी बार प्रधानमंत्री मोदी 2019 में यहां से जीते थे। इस चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी शालिनी यादव को चुनाव हराया था। इस बार पीएम मोदी का मुख्य मुकाबला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से है। वह इंडिया गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी है।
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