
नई दिल्ली। टीएमसी (TMC) में शामिल हुए बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय (Mukul Roy) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। मुकुल राय की विधानसभा की सदस्यता को अयोग्य ठहराने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष (Assembly Speaker) को निर्णय लेने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष इस केस में निर्णय लेने के लिए सक्षम हैं। उम्मीद है वह इस पर अपना फैसला 21 दिसंबर तक सुना देंगे।
दरअसल, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने 17 जून को विधानसभा के सदस्य के रूप में श्री रॉय को अयोग्य घोषित (disqualification plea) करने की मांग करते हुए अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया था कि वह टीएमसी में शामिल हो गए हैं। सुवेंदु अधिकारी सहित कई अन्य ने याचिका दायर कर मांग किया कि मुकुल राय को सदन की सदस्यता से अयोग्य किया जाए। क्योंकि वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के बाद दलबदल कर चुके हैं। मुकुल राय भाजपा के टिकट पर चुने गए थे लेकिन वह अब दूसरे दल में हैं।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने की सुनवाई
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल विधानसभा के सचिव और रिटर्निंग अधिकारी द्वारा दायर दो अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने 28 सितंबर को अध्यक्ष से मुकुल राय के खिलाफ अयोग्यता की याचिका पर सात अक्टूबर तक फैसला लेने को कहा था। शीर्ष अदालत ने श्री बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी की दलीलों सुना। सिंघवी ने कहा कि अयोग्यता याचिका पर 21 दिसंबर को स्पीकर के सामने सुनवाई होनी है।
कोर्ट ने कहा कि अध्यक्ष कानून के अनुसार लेंगे फैसला
पीठ ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अध्यक्ष 21 दिसंबर, 2021 को मामले पर कार्यवाही करेंगे और कानून के अनुसार इस पर फैसला करेंगे।" इसके बाद कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी में तय की है।
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