
नई दिल्ली। लक्ष्यद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल (Mohd Faizal) की परेशानी बढ़ गई है। हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी फैजल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था। फैजल को हत्या के प्रयास के मामले में लोअर कोर्ट ने दोषी पाया था। इसके बाद सांसद की अपील पर केरल हाईकोर्ट ने उसकी दोषसिद्ध को निलंबित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को फिर से विचार करने के लिए हाईकोर्ट को वापस भेज दिया है। इसके लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है। हाईकोर्ट को इस दौरान लक्षद्वीप प्रशासन की अपील पर नए सिरे से फैसला करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मामले में लोकसभा सांसद की दोषसिद्धि और सजा को निलंबित करने में हाईकोर्ट का दृष्टिकोण "गलत" था।
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फैजल को मिली थी 10 साल जेल की सजा
बता दें कि फैजल को केंद्रीय मंत्री पी एम सईद के दामाद मोहम्मद सलीह की हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट ने दोषी पाया था। उसे 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ फैजल ने केरल हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट में फैजल की याचिका पर सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी अपील का निपटारा होने तक राकांपा नेता फैजल की दोषसिद्धि और सजा को निलंबित किया जाता है। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इसके साथ ही फैजल को लोअर कोर्ट द्वारा दी गई सजा प्रभावी हो गई है।
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