आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला 7 नवंबर को-क्या बदलेगा देशभर में नियम?

Published : Nov 03, 2025, 01:15 PM IST
 supreme court stray dogs case

सार

सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर को आवारा कुत्तों के मामले में आदेश सुनाएगा। राज्यों ने माफी मांगी, कोर्ट ने चेताया-अब पालन न करने पर कार्रवाई तय। मामला ABC नियमों और पब्लिक सेफ्टी से जुड़ा है। क्या आएगा कोई ठोस समाधान या फिर मामला फिर खिंच जाएगा?

नई दिल्ली। भारत में पिछले कुछ महीनों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं-कहीं मासूम बच्चों पर हमला, तो कहीं बुजुर्गों पर झपट्टा। इसी मुद्दे पर अब सुप्रीम कोर्ट 7 नवंबर 2025 को अपना बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पूछा था कि उन्होंने एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों को लागू करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं।

क्या है मामला: कब से चल रहा है यह विवाद?

यह केस 22 अगस्त 2025 को शुरू हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के राज्यों से रिपोर्ट मांगी थी कि आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण और उनके जन्म को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं। लेकिन ज़्यादातर राज्यों ने इस आदेश का पालन नहीं किया।  इस पर नाराज होकर अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तलब किया और कहा “अगर आप लोग आदेशों का पालन नहीं करेंगे तो व्यक्तिगत तौर पर जवाब देना होगा।”

राज्यों की माफी और कोर्ट की सख्ती

सुनवाई के दौरान सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए और बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने माना कि उन्होंने कंप्लायंस एफिडेविट यानी रिपोर्ट समय पर दाखिल नहीं की। कोर्ट ने यह भी कहा कि अब यह मामला सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा देश इस फैसले की परिधि में आएगा।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: "देश की छवि को नुकसान"

27 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत ने नाराजगी जताई थी कि लगातार घटनाएं हो रही हैं और भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हो रही है। जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा “यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि मानवीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है।”

क्या होगा 7 नवंबर को?

सुप्रीम कोर्ट की विशेष तीन जजों की बेंच अब 7 नवंबर को अंतिम आदेश पारित करेगी। कोर्ट यह तय करेगी कि: ABC नियमों को लागू करने के लिए राज्यों को क्या-क्या अनिवार्य कदम उठाने होंगे। 7 नवंबर का फैसला अब पूरे देश की नज़रों में है। यह तय करेगा कि आवारा कुत्तों को लेकर राज्यों की जिम्मेदारी और नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा। लोगों को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट ऐसा आदेश देगा जिससे डॉग बाइट और पब्लिक सेफ्टी के बीच नई नीति की शुरुआत होगी।

 क्या यह आदेश वाकई बदलेगा हालात?

अब बड़ा सवाल है-क्या यह फैसला वाकई देशभर में आवारा कुत्तों की समस्या खत्म कर पाएगा? या फिर यह भी उन मामलों में से एक बन जाएगा, जिनकी फाइलें सिर्फ अदालतों में धूल खाती रहती हैं?  जनता की निगाहें अब इस आदेश पर टिकी हैं, क्योंकि यह न सिर्फ एनिमल वेलफेयर, बल्कि पब्लिक सेफ्टी का भी सवाल है। राज्यों की माफी और कोर्ट की सख्ती के बीच अब नजरें इस आदेश पर टिक गई हैं-क्या आएगा कोई ठोस समाधान या फिर मामला फिर खिंच जाएगा?

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