
Humayun Kabir on Babri Masjid: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कबीर ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 3 साल के अंदर बाबरी नाम की मस्जिद बनाई जाएगी और कोई ताकत इसे रोक नहीं सकती। तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड होने के बाद कबीर ने कहा कि फरवरी 2026 से मस्जिद निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।
हुमायूं कबीर ने कहा, यह अयोध्या नहीं मुर्शिदाबाद है। मेरी चुनौती है बाबरी मस्जिद को यहां कोई छू भी नहीं सकता। कबीर ने आगे कहा, बाबरी नाम से मस्जिद बनाने का उनका फैसला 1992 की उस घटना से जुड़ा है, जब अयोध्या में मस्जिद को ढहा दिया गया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के फैसले में मस्जिद वाली जगह पर राम मंदिर बनाने की परमिशन दी। कबीर ने कहा कि उन्होंने कोर्ट का फैसला मान लिया था, लेकिन अब बाबरी नाम से मस्जिद कहीं और बनाई जानी चाहिए।
हुमायूं कबीर ने कहा, मेरा बाबर से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने इसका नाम बाबरी मस्जिद इसलिए रखा क्योंकि लोगों को आज भी दर्द होता है। अगर चुनाव के दौरान 'जय श्री राम' बोलना सही है, तो 'अल्लाह हू अकबर' बोलना भी सही है।" कबीर ने कहा कि मस्जिद बनाने के लिए पहले ही काफी फंड इकट्ठा हो चुका है और पैसा उनके घर पर रखा हुआ है। तमाम समर्थकों और दानदाताओं से 20 करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं और यह रकम पूरी तरह से मस्जिद के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कबीर ने कहा, हमने 25 बीघा जमीन ले ली है और कागजी कार्रवाई चल रही है। फरवरी में तैयारियां शुरू हो जाएंगी और तीन साल में मस्जिद पूरी हो जाएगी। हर हफ्ते यहां शुक्रवार की नमाज पढ़ी जाएगी और लाखों ईंटें पहले ही आ चुकी हैं।
कबीर ने कहा कि TMC के कामों की वजह से पार्टी के साथ उनका मतभेद बढ़ गया, जिसका नतीजा उनके सस्पेंशन के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर उन्हें पार्टी से निकाला है। कबीर ने कहा कि तब और अब की ममता बनर्जी में काफी फर्क आ चुका है। पहले, वह सबकी सुनती थीं और लोगों की समस्याओं को समझती थीं। आज वह जनता से दूर हो गई हैं। कबीर ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अब अपने चुने हुए नेताओं के बजाय पॉलिटिकल कंसल्टेंट्स द्वारा चलाई जा रही है।
हुमायूं कबीर ने कहा कि वह विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे और इसके बजाय दिसंबर के आखिर में एक नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। इसकी औपचारिक घोषणा 22 दिसंबर को बहरामपुर में एक जनसभा में की जाएगी, जहां एक लाख से ज्यादा लोग इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि नई पार्टी 135 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बीजेपी और TMC दोनों को अपने दम पर बहुमत हासिल करने से रोकेगी।
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