
Parliament Budget session: नरेंद्र मोदी शासन के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट सत्र बुधवार से शुरू होगा। बजट सत्र के पहले संसद के 11 राज्यसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। इन सभी 11 सांसदों के मामलों को विशेषाधिकार समिति को भेजा गया था। बीते शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों के 146 सांसदों को निलंबित किया गया था लेकिन शीतकालीन सत्र के खत्म होने पर अन्य सभी सांसदों का निलंबन स्वत: रद्द हो गया था।
शीतकालीन सत्र में अमित शाह के बयान की मांग करने पर निलंबन
दरअसल, बीते शीतकालीन सत्र में स्मोक बम लेकर चार लोग संसद में घुस आए थे। सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे इन चारों युवाओं ने सुरक्षा में सेंध लगाते हुए संसद के अंदर बाहर विरोध प्रदर्शन किया। संसद की सुरक्षा को लेकर चिंतित विपक्षी सांसदों ने हंगामा करते हुए सुरक्षा को लेकर अमित शाह से बयान की मांग करनी शुरू कर दी। सभी सांसद, अमित शाह के बयान पर अड़े हुए थे। सांसदों के रूख पर दोनों सदनों के करीब 146 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित किया गया। यह संसदीय इतिहास का सबसे बड़ा निलंबन था। हालांकि, 146 में से 132 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसलिए सत्र समाप्त होने पर उनका निलंबन रद्द कर दिया गया।
14 सांसदों का मामला विशेषाधिकार कमेटी को
146 में शेष बचे 14 सांसदों जिसमें 11 राज्यसभा से और 3 लोकसभा से थे, का मामला दोनों सदनों की विशेषाधिकार समितियों को भेजा गया था। लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने 12 जनवरी को 3 लोकसभा सांसदों का निलंबन हटा दिया था। अब बजट सत्र शुरू होने के एक दिन पहले 11 राज्यसभा सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है।
विपक्ष ने इन निलंबनों पर सत्ता पक्ष पर विधेयकों को बिना चर्चा के पास कराने के लिए साजिश करने का आरोप लगाया था।
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