
नई दिल्ली: स्वच्छ भारत योजना के तहत देशभर में शौचालयों के निर्माण से भारत में हर साल 60 से 70 हजार 5 साल से कम उम्र के बच्चों की जान बच रही है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कम और मध्यम आय वाले देशों को भी इसी मॉडल को अपनाने की सलाह दी गई है। इस रिपोर्ट पर खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उचित शौचालय की उपलब्धता नवजात शिशु और बच्चों की मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि बेहतर स्वच्छता सुविधा देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के कायाकल्प का कारण बन रही है। अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ता सहित एक दल ने देश के 35 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और 600 से अधिक जिलों के राष्ट्रीय प्रतिनिधि सर्वेक्षण के आधार पर एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को ब्रिटेन की वैज्ञानिक पत्रिका 'नेचर' ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट में क्या है?: स्वच्छ भारत योजना के 2014 में लागू होने के बाद से देश में शौचालय निर्माण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्वच्छ भारत मिशन से पहले और बाद की अवधि की तुलना में नवजात शिशु और बच्चों की मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है। शौचालयों की उपलब्धता से साफ-सफाई बनी रहती है। इससे बीमारियां कम हुई हैं और हर साल भारत में पांच साल से कम उम्र के 60000 से 70 हजार बच्चों की जान बच रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वच्छ भारत योजना के तहत जैसे-जैसे शौचालयों का निर्माण हुआ है, बच्चों की मृत्यु दर में गिरावट आई है।
स्वच्छ भारत अभियान:
खुले में शौच और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के उद्देश्य से 2 अक्टूबर 2014 को केंद्र सरकार ने देशभर में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश की सड़कों और गलियों को साफ करना था। इस योजना का एक अन्य उद्देश्य सभी ग्रामीण घरों में शौचालय की सुविधा प्रदान करके गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाना था। जुलाई 2024 तक इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। इससे 6.3 लाख गांवों के 50 करोड़ लोगों को फायदा हुआ है।
रिपोर्ट में क्या है?
'स्वच्छ भारत' के तहत 2014 के बाद से भारत में देशभर में शौचालयों का निर्माण किया गया है। इससे लोगों में बीमारियां फैलना कम हुई हैं। इससे देश में हर साल 5 साल से कम उम्र के 60-70 हजार बच्चों की जान बच रही है।
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