
Tamilnadu stampede: तमिलनाडु में मुफ्त के चक्कर में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। राज्य के तिरुपत्तूर के वानियामबाडी में शनिवार को फ्री के कपड़े लेने पहुंचे लोगों भीड़ में भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में कई लोग बुरी तरह से कुचल गए हैं। चार महिलाओं की इस भगदड़ में कुचले जाने से मौत हो गई है। स्थानीय पुलिस के अनुसार वानियामबाडी में थाईपुसम त्योहार के मौके पर एक व्यक्ति द्वारा धोती व साड़ियों का टोकन बांटने के दौरान हादसा हुआ है।
टोकन पहले पाने की होड़ में हादसा
तमिलनाडु में थाईपुसम त्योहार के मौके पर शनिवार को वानियामबाडी में एक व्यक्ति साड़ियां और वेश्टि बांट रहा था। मुफ्त साड़ियां और वेश्टि (सफेद धोती) बांटे जाने की सूचना के बाद काफी लोग मौके पर पहुंच गए थे। भारी संख्या में लोग साड़ी व धोती के लिए टोकन के लिए एक दूसरे से पहले पाने की होड़ करने लगे। टोकन के लिए उतावली भीड़ में अचानक से भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में दर्जनों घायल हो गए। स्थानीय पुलिस ने बताया कि चार महिलाओं की मौत हो गई है। सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है। इस हादसा की जांच पुलिस कर रही है।
तमिल समुदाय मनाता है थाईपुसम त्योहार...
तमिल समुदाय थाईपुसम त्योहार बड़े धूमधाम से मनाता है। भगवान मुरुगन की जयंती के रूप में थाईपुसम त्योहार मनाया जाता है। भगवान मुरुगन, सृष्टि के त्रिदेव में एक भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र हैं। कार्तिकेय भोले शंकर के छोटे पुत्र हैं। धरती पर जब तारकासुर नामक राक्षस का अत्याचार बढ़ गया था तो इस दिन देवी पार्वती ने भगवान मुरुगन को ताराकासुर राक्षस और उसकी सेना के संहार का आदेश दिया था। माता पार्वती के आदेश के बाद भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया। तारकासुर के वध किए जाने की खुशी में यह उत्सव मनाया जाता है।
यह भी पढ़ें:
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.