
Loksabha Election 2024: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए रणनीतियां तैयार होने लगी है। तेलंगाना राज्य से राष्ट्रव्यापी पहुंच बनाने के लिए मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव अपनी पार्टी की पहली रैली रविवार को महाराष्ट्र में किया। महाराष्ट्र के नांदेड़ में रैली में उन्होंने किसानों को किसानों की सरकार के लिए बीआरएस का साथ देने का आह्वान किया। यही नहीं उन्होंने नांदेड़ को तेलंगाना में विलय की भी मांग की है।
अबकी बार किसान सरकार...
महाराष्ट्र में बीआरएस पार्टी के चुनाव लड़ने के ऐलान के साथ के.चंद्रशेखर राव ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद किसानों के लिए राष्ट्र की बागडोर संभालने का समय आ गया है। इसीलिए बीआरएस का नारा 'अबकी बार, किसान सरकार' है। उन्होंने कहा कि अगर हम एकजुट हो जाएं तो यह असंभव नहीं है। हमारे देश में किसानों की संख्या 42 फीसदी से अधिक है और अगर इसमें खेतिहर मजदूरों की संख्या भी जोड़ दी जाए तो यह 50 फीसदी से अधिक हो जाएगी जो सरकार बनाने के लिए पर्याप्त है। 75 साल एक लंबी अवधि है, अब किसानों को भी नियम बनाने में सक्षम होना चाहिए।
नांदेड़ तेलुगु भाषी बहुल क्षेत्र
महाराष्ट्र का नांदेड़ क्षेत्र तेलगु भाषी लोगों की बहुलता वाला क्षेत्र है। यहां काफी दिनों से तेलंगाना में विलय की मांग लोगों द्वारा उठायी जा रही है। रविवार को रैली में के.चंद्रशेखर राव ने भी लोगों की मांग का समर्थन किया।
राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की मान्यता के लिए कम से कम चार राज्य में लड़ेंगे चुनाव
बीते दिनों चंद्रशेखर राव ने अपनी टीआरएस पार्टी को भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस के नाम से पुनर्गठित किया था। राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लिए अब बीआरएस को कम से कम चार राज्यों में चुनाव लड़ना होगा साथ ही चार लोकसभा सीटों पर छह प्रतिशत वोट हासिल करना होगा। या कम से कम तीन राज्यों में दो प्रतिशत लोकसभा सीटें यानी 11 सीटें जीतनी होगी।
किसान संगठनों व ट्रेड यूनियनों को साधने में लगे केसीआर
केसीआर अपने राष्ट्रव्यापी अभियान में गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेस मोर्चा के साथ आगे चले थे। लेकिन अब वह अपनी पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए किसानों के संगठनों, मजदूर संगठनों, नागरिक समूहों आदि को साधने में जुटे हुए हैं। दरअसल, तेलंगाना में केसीआर सरकार की कई योजनाएं किसान हितैषी योजनाओं के रूप में प्रसिद्ध हैं। इसमें रायथु बंधु जीवन बीमा, रयुथ बंधु निवेश सहायता, बीज वितरण के लिए सब्सिडी और कृषि मशीनीकरण के लिए योजना शामिल है।
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