
The Resistance Front threat: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी ग्रुप 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने राज्य के संघ नेताओं को धमकी दी है। रेजिस्टेंस फ्रंट ने आरएसएस के 30 नेताओं की लिस्ट जारी कर उनका खून बहाने की धमकी दी है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आतंकी संगठन ने लिस्ट में शामिल नेताओं की हत्या किए जाने की बात कही है। दरअसल, आतंकी संगठन आरएसएस प्रमुख के बयान के बाद से नाराज है।
मोहन भागवत के बयान से नाराज है 'द रेजिस्टेंस फ्रंट'
आतंकी ग्रुप 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' की धमकी संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद सामने आई है। मोहन भागवत ने कहा था कि आजादी के सात दशक बाद भी पाकिस्तान खुश नहीं है। पाकिस्तान को यह अहसास हो गया है कि बंटवारा एक भूल था। अखंड भारत एक सच था और बंटा हुआ भारत एक बुरा सपना। भागवत ने कहा था कि अखंड भारत यानी अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और तिब्बत यह एक साथ थे। बंटा हुआ भारत बुरा सपना है। ये 1947 के पहले का भारत था। जो लोग जिद के चलते भारत से अलग हुए, क्या वे खुश हैं? वहां आज दर्द है। भारत में खुशी है।
कौन है द रेजिस्टेंस फ्रंट?
द रेजिस्टेंस फ्रंट, एक आतंकी संगठन है। यह लश्कर-ए-तैयबा का ही एक संस्था है जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के खिलाफ फ्रंट लगातार कैंपेन चला रहा है। इस संगठन को विदेशों से फंडिंग मिल रही है और यह अवैध गतिविधियों को घाटी में संचालित कर रहा है। फ्रंट ने 2020 के बाद से जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों की जिम्मेदारियां ली थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस का दावा है कि 2022 में मारे गए ज्यादातर आतंकवादी रेजिस्टेंस फ्रंट या इसके मूल संगठन लश्कर के थे। इनकी संख्या 108 थी। जबकि जैश के मारे गए आतंकियों की संख्या 35 थी।
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