
मुंबई. एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के दफ्तर को बीएमसी द्वारा तोड़े जाने को लेकर आज बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने सुनवाई को 5 अक्टूबर तक टाल दिया है। आज हाईकोर्ट ने बीएमसी से उस कार्रवाई पर जवाब मांगा जो उसने कंगना रनौत के दफ्तर पर की थी। बीएमसी से एक सवाल में हाईकोर्ट ने पूछा कि जितनी जल्दी उन्होंने कंगना के दफ्तर को तोड़ने में कि बाकी मामलों में क्या उनती ही तेजी दिखाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षों से 5 अक्टूबर को अपने जवाब लिखित में जमा कराने को कहा है। उसके बाद ही कोर्ट इसपर कोई कार्रवाई करेगा।
5 सितंबर को भेजा गया था नोटिस
बीएमसी के मुताबिक, कंगना ने पाली हिल वाले बंगले में बिना अनुमति कई बदलाव किए जिसके खिलाफ उन्हें पांच सितंबर को पहला नोटिस दिया गया। अदालत यह जानना चाहती है कि बदलाव गैर कानूनी था या नहीं, क्या वह पहले से ही मौजूद था क्योंकि बीएमसी कानून की धारा-354ए के तहत महानगरपालिका को केवल गैर कानूनी तरीके से चल रहे निर्माण कार्यों को ही रोकने की अनुमति है।
क्या पूछा था बीएमसी से कोर्ट ने
बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने शुक्रवार को बृह्नमुंबई महानगरपालिका (BMC) से पूछा कि क्या नौ सितंबर को उसके द्वारा कंगना रनौत के बंगले के जिस हिस्से को गिराया गया था वह निर्माणाधीन था या वह पहले से ही मौजूद था। बंगले के हिस्से को ध्वस्त करने के खिलाफ कंगना द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसजे कथावाला और जस्टिस आरआई छागला ने पूछा कि बीएमसी ने भूतल पर मौजूद कई ढांचों को क्यों गिराया।
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