
मुंबई. महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद बदले सियासी हालात से उथल पुथल मचा हुआ है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं संग बैठक की है। इस बैठक में अहमद पटेल, एके ऐंटनी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर बात करने के लिए यह मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें सरकार गठन को लेकर चल रही कवायद में कोई निर्णय लिया जा सकता है।
संघ प्रमुख ने इशारों में समझाया
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र की राजनीति पर कहा कि आपसी लड़ाई में दोनों को नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इन सब के बीच शिवसेना के सांसद संजय राउत की ओर से बयानों का दौर लगातार जारी है। जिसमें एक बार फिर उन्होंने कहा कि पवार साहेब का कद बड़ा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी तारीफ कर सकते हैं। लेकिन शरद पवार को समझने में कई जन्म लग जाएंगे। सरकार बनाने को लेकर राउत से साफ किया कि हम दिसंबर के पहले हफ्ते में सरकार बनाएंगे। बता दें कि सोमवार को संसद में पीएम नरेंद्र मोदी ने शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की तारीफ की थी। पीएम मोदी के बयान के बाद से राजनीतिक गलियारे में कई तरह की चर्चाएं होने लगी थीं। संजय राउत ने इस पर आगे कहा कि हम किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, ये मुलाकात शरद पवार की अगुवाई में ही होगी।
एनसीपी-कांग्रेस की बैठक टली
कांग्रेस व एनसीपी नेताओं के बीच होने वाली बैठक टल गई है। दरअसल, एनसीपी नेता नवाब मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती मौके पर आयोजित हो रहे कार्यक्रम में पार्टी के नेता व्यस्त है। जिसके कारण दोनों दलों के बीच होने वाली बैठक टल गई है। अब दोनों दलों के नेताओं के बीच बुधवार को बैठक होगी।
बीजेपी पर लगाया धोखा देने का आरोप
संजय राउत लगातार महाराष्ट्र में शिवसेना की नेतृत्व वाली सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। इन सब के बीच बीजेपी पर उनका हमला जारी है। जिसमें उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हमें धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि ये पक्का है कि शिवसेना ही राज्य में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि आपस की कोई बातचीत चल रही है। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है, इसलिए हमारे पास वक्त है। बीजेपी पर हमला बोलते हुए शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि मुझे पवार साहेब पर कोई शक नहीं है। जो लोग पहले सरकार बनाना नहीं चाहते थे, लेकिन अब राष्ट्रपति शासन लगने के बाद सरकार बनाना चाह रहे हैं।
सामना से बीजेपी पर निशाना
दूसरी ओर शिवसेना के मुखपत्र सामना ने आज के संपादकीय में लिखा है, ‘दिल्ली के बीजेपी नेताओं ने किस आधार पर और किसकी अनुमति से यह घोषणा की? ‘यात्रा में जल्दबाजी दुर्घटना को निमंत्रण देती है’इस प्रकार की जल्दबाजी इन लोगों के लिए ठीक नहीं है।' तल्ख लहजे से लेख में लिखा गया कि जिसने ये घोषणा की है उसे शिवसेना का मर्म और एनडीए का कर्म-धर्म नहीं पता है। तुम सभी के जन्म पर शिवसेना ने नाश्ता किया है। जब बीजेपी के साथ कोई खड़ा नहीं होना चाहता था, तब जनसंघ के दीये में शिवसेना ने तेल डाला।
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