
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के संकट काल में अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर लोगों की जान बचाने वाले डॉक्टरों को संबोधित किया। PM नेशनल डॉक्टर्स-डे पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन(IMA) के एक कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों के साहस-समर्पण और कार्य को याद कर रहे थे।
कोविड के अनुभवों के डॉक्यूमेंटेशन का सुझाव
मैं कोरोना काल में आहूत करने वाले इन सभी डॉक्टरों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेडिकल सेक्टर में हो रहे बदलावों के बीच डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए भी सरकार काम कर रही है। मैं 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से सभी डॉक्टर्स को धन्यवाद देता हूं, आभार प्रकट करता हूं। डॉक्टर्स को ईश्वर का दूसरा रूप कहा जाता है। कई बार ऐसा लगने लगता है कि क्या हम किसी हमारे अपने को खो देंगे, लेकिन डॉक्टर्स ऐसे मौकों पर किसी देवदूत की तरह जीवन की दिशा बदल देते हैं। हमारे डॉक्टर अपने ज्ञान और अनुभव से हमें इस COVID19 वायरस से लड़ने में मदद कर रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट आवंटन दोगुना कर दिया गया है। हम अगर कोविड से कैसे मुकाबला किया गया, अगर इसका डाक्यमेंटशन करते हैं, तो आगे वाले समय में यह बेहद मददगार साबित होगा।
भारत के डॉक्टर दुनियाभर में मिसाल
डॉ. बीसी रॉय की स्मृति में मनाया जाने वाला ये दिन हमारे डॉक्टर्स के, हमारी मेडिकल फ्रेटर्निटी के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है। खासतौर पर पिछले 1.5 साल में हमारे डॉक्टर्स ने जिस तरह देशवासियों की सेवा की है वह एक मिसाल है। आज जब देश कोरोना से जंग लड़ रहा है तो डॉक्टर्स ने दिन रात मेहनत करके लाखों लोगों का जीवन बचाया है। ये पुण्य कार्य करते हुए देश के कई डॉक्टर्स ने अपना जीवन न्योछावर कर दिया। मैं जीवन आहूत करने वाले सभी डॉक्टर्स को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
जनसंख्या का दबाव एक चुनौती
आप भली भांति जानते हैं कि पहले के समय में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को किस तरह नजरअंदाज किया गया था। हमारे देश में जनसंख्या का दबाव इस चुनौती को और कठिन बना देता है। बावजूद इसके कोरोना के दौरान हम प्रति लाख जनसंख्या में संक्रमण, मृत्यु दर देखें तो भारत की स्थिति बड़े बड़े विकसित और समृद्ध देशों की तुलना में कहीं संभली हुई रही है। किसी एक जीवन का असमय समाप्त होना उतना ही दुखद है, लेकिन भारत ने कोरोना से लाखों का जीवन बचाया भी है।
कोरोनाकाल में कई डॉक्टरों ने गंवाई अपनी जान
कोरोनाकाल में अपनी ड्यूटी निभाते हुए कई डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है। इस बार का नेशनल डॉक्टर्स डे ऐसे ही यौद्धाओं को समर्पित है। बता दें कि देश में 12 लाख 89 हजार रजिस्टर्ड डॉक्टर्स हैं। जो इस समय सेवाएं दे रहे हैं, उनकी संख्या करीब 10 लाख 31 हजार है। देश में 3 लाख 60 हजार डॉक्टरों की कमी है।
डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा रोकने
हमारी सरकार ने डॉक्टर्स के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए पिछले वर्ष ही कानून में कई कड़े प्रावधान किए। इसके साथ ही हम अपने कोविड वारियर्स के लिए फ्री इंश्योरेंस कवर स्कीम भी लेकर आए हैं।
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