
नई दिल्ली। चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) से लगी सीमा पर तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने बैठक की। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Manoj Mukund Naravane) की अध्यक्षता में नई दिल्ली में शुरू हुए दो दिवसीय सेना कमांडरों के सम्मेलन के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
सेना के शीर्ष अधिकारियों ने सीमाओं की सुरक्षा के साथ ही जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर बात की। सेना के कमांडरों को पूर्वी सेक्टर में चीन की सेना (People's Liberation Army) की गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि चीन सीमा की वर्तमान स्थिति क्या है। बता दें कि अप्रैल 2020 से ही भारत और चीन के बीच सीमा पर चीन द्वारा एकतरफा आक्रमकता दिखाने के चलते सैन्य गतिरोध बना हुआ है। दोनों ओर से भारी संख्या में सैनिकों को तैनात किया गया है। भारत क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन दुश्मन सैनिकों द्वारा किसी भी दुस्साहस को विफल करने के लिए उच्च स्तर की तैयारी भी बनाए रखी है।
शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बैठक में जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकवाद पर भी चर्चा हुई। राज्य में पिछले दिनों में आतंकियों द्वारा टारगेट कीलिंग बढ़ाई गई है। घाटी के बाहर के लोगों और अल्पसंख्यकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस बल पर भी हमले बढ़ गए हैं।
सीडीएस ने निधन के बाद हुई पहली बैठक
बता दें कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत के तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में मौत के बाद सेना के शीर्ष अधिकारियों की यह पहली बैठक है। 18 दिसंबर को बिपिन रावत उनकी पत्नी और 12 अन्य सैन्य अफसरों की मौत हादसे में हो गई थी। भारत सरकार ने नए सीडीएस को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेना प्रमुख एमएम नरवणे को इस पद के लिए सबसे अधिक दावेदार माना जा रहा है। वह तीनों सेना प्रमुखों में सबसे वरिष्ठ हैं।
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