
नई दिल्ली। त्रिपुरा (Tripura) में निकाय चुनाव के पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं (TMC Worlers) संग पुलिस बर्बरता और हमलों के खिलाफ पार्टी के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को अमित शाह (Amit Shah) से मिला। गृहमंत्री से मिले टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा। शाह ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव से राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की जानकारी मांगी है।
सांसदों ने धरना भी दिया
22 नवंबर को TMC के सांसदों ने गृहमंत्रालय के सामने धरना भी दिया। धरने पर TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन, सुखेंदु शेखर रॉय, शांतनु सेन, डोला सेन सहित तृणमूल के 16 सांसद सुबह दिल्ली में तृणमूल पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने गृहमंत्रालय के सामने धरना दिया। इस बीच खबर है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 24 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात करेंगी। वे त्रिपुरा मामले के अलावा BSF का दायरा बढ़ाए जाने के मुद्दे पर उनसे चर्चा करेंगी।
TMC ने लगाया यह आरोप
धरना स्थल पर TMC सांसद सुखेंदु शेखर ने कहा कि त्रिपुरा में गुंडा राज कायम किया गया है। TMC युवा नेता पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। त्रिपुरा की सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। TMC सांसद सौगत राय ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा की घटना लोकतंत्र पर हमला है। उनकी नेता ममता बनर्जी दिल्ली में कई विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगी।
टीएमसी कार्यकर्ताओं ने लगाया थाने में पिटाई का आरोप
रविवार को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा के अगरतला के एक पुलिस स्टेशन में सत्तारूढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पीटा। थाने में त्रिपुरा पुलिस (Agartala Police) के सामने लाठियों से पीटा गया।
टीएमसी के मुताबिक, त्रिपुरा पुलिस उस होटल में पहुंची, जहां पार्टी नेता (TMC Youth wing President) सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) ठहरी थीं और उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया। उन्होंने कथित तौर पर यह नहीं बताया कि पूछताछ किस मामले के बारे में थी। इसके बाद सायोनी घोष और कुणाल घोष समेत टीएमसी के कुछ अन्य नेता अगरतला थाने पहुंचे। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि कुछ मिनट बाद जब सायोनी घोष पूछताछ के लिए गई तो करीब 25 भाजपा कार्यकर्ता हेलमेट और लाठियां लिए हुए पहुंचे और थाने के अंदर टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला करने लगे। उन्होंने बताया कि घटना में तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि त्रिपुरा में 'जंगल राज' है। उन्होंने कहा, "हमें पुलिस के सामने पीटा गया लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। इसके विपरीत, हम पर ही मामला दर्ज किया जा रहा है और परेशान किया जा रहा है।"
सयानी घोष पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को कुचलने का आरोप
उधर, बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं को कुचलने का आरोप टीएससी यूथ विंग की अध्यक्ष सायोनी घोष पर लगाया है। सयानी घोष पर एफआईआर दर्ज कर अगरतला पुलिस (Agartala Police) ने अरेस्ट भी कर लिया है।
दरअसल, सयोनी घोष अगरतला में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए नगर निकाय चुनावों के लिए प्रचार कर रही थीं। आरोप है कि वह बीजेपी की मीटिंग से गुजर रही थीं, उस दौरान विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं को कुचलने की कोशिश कीं। कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया और पथराव किया, जिससे अराजकता फैल गई जिससे भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए।
एक वीडियो में खेला होबे कहते दिख रहीं सयोनी
सयोनी घोष का एक वीडियो वायरल हो रहा है। घोष का एक कथित वीडियो ट्वीट किया गया है, जिसमें वह बैठक से गुजरते हुए अपने वाहन से खेला होबे (खेल अभी शुरू हुआ) चिल्ला रही हैं।
इन धाराओं में दर्ज की गई है प्राथमिकी
पश्चिम त्रिपुरा के अतिरिक्त एसपी (शहरी) बीजे रेड्डी (BJ Reddy) ने बताया कि सयोनी पर आईपीसी की धारा 307, 153 के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार, घोष पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 (दंगा भड़काने का इरादा), 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 506 (आपराधिक धमकी), 307 (हत्या का प्रयास) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप लगाया गया था।
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