निर्यात के लिए नए बाजार की खोज से घरेलू मांग बढ़ाने तक, ट्रंप के टैरिफ से भारत कैसे कम करेगा नुकसान

Published : Aug 27, 2025, 06:58 PM IST
Export

सार

US Tariff Impact: अमेरिका ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाया है जिससे भारत के निर्यात पर असर पड़ा है। भारत नए बाजार तलाश रहा है और घरेलू मांग बढ़ाकर इस चुनौती का मुकाबला कर रहा है।

Trump Tariffs on India: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से होने वाले आयात पर लगाया गया 50% टैरिफ 27 अगस्त से लागू हो गया। यह जारी रहा तो अमेरिका को भारत का निर्यात कम होगा। नुकसान कम करने के लिए भारत के पास निर्यात बाजार का विस्तार करने और घरेलू मांग बढ़ाने जैसे क्या तरीके हैं। आइए 10 प्वाइंट में जानते हैं।

अमेरिकी टैरिफ से नुकसान कम करने के लिए भारत कर रहा क्या इंतजाम

1- NDTV की रिपोर्ट के अनुसार वाणिज्य मंत्रालय अगले 72 घंटों में उद्योग जगत के नेताओं, व्यापार प्रतिनिधियों और अन्य देशों के समकक्षों के साथ कई बैठकें कर सकता है ताकि निर्यात में विविधता लाई जा सके। भारत में बने सामान बेचने के लिए नए बाजारों में पहुंच बनाई जा सके। भारत पर टैरिफ का न्यूनतम व्यवधान के साथ मुकाबला करने का दबाव है। इससे सबसे अधिक प्रभावित श्रम प्रधान क्षेत्र हुए हैं।

2- भारत कपड़ा निर्यात के लिए इंग्लैंड, जापान, यूरोपीय देशों और ऑस्ट्रेलिया सहित 40 देशों से संपर्क कर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में भारत के कपड़ा और परिधान क्षेत्र ने अमेरिका को 37 अरब डॉलर (3.24 लाख करोड़ रुपए) का निर्यात किया।

3- सरकार की योजना भारत को हाई क्वालिटी वाले, टिकाऊ और इनोवेटिव प्रोडक्ट के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने की है। भारत पहले से ही 200 से ज्यादा देशों को निर्यात करता है। इनमें से 40 देश अहम हैं। ये संयुक्त रूप से 590 अरब डॉलर (51.79 लाख करोड़ रुपए) का कपड़ा और परिधान आयात करते हैं।

4- झींगा पालन और चमड़े जैसे अन्य क्षेत्रों के लिए निर्यात बाजारों का विस्तार करने की योजनाएं भी बनाई जा रही हैं। आगरा के चमड़े के जूते निर्यातक पूरन डावर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि अगर अन्य विदेशी बाजार- जिनमें भारत के लिए इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मनी जैसे बड़े बाजार शामिल हैं- ज्यादा चमड़े के जूते नहीं खरीदते हैं तो इस उद्योग को झटका लगेगा।

5- भारत के रत्न और आभूषण निर्यात के लिए नए बाजार खोजे जा रहे हैं। अकेले हीरा व्यापार लाखों लोगों को रोजगार देता है। अमेरिका जाने वाले भारतीय निर्यात पर हाई टैरिफ से तुर्किये और थाईलैंड जैसे प्रतिस्पर्धी देशो को फायदा होगा।

6- अमेरिकी टैरिफ पर झींगा किसानों ने भी चिंता व्यक्त की है। भारत ने वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका को 2.4 अरब डॉलर (21,064 करोड़ रुपए) के झींगे निर्यात किए। यह कुल निर्यात का 32.4 प्रतिशत है। भारत चीन, यूरोपीय संघ (विशेषकर स्पेन) और जापान तक झींगा निर्यात करने की कोशिश कर रहा है।

7- पश्चिम एशिया और यूरोप के अलावा, सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अफ्रीका और लैटिन अमेरिका पर भी नजर रख रही है। भारत-अफ्रीका व्यापार अब 100 अरब डॉलर (8.77 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा का है। लैटिन अमेरिकी देशों के साथ व्यापार 2023 में 43 अरब डॉलर (3.77 लाख करोड़ रुपए) को पार कर गया। वित्त वर्ष 2028 तक इसके 100 अरब डॉलर के आंकड़े को छूने की उम्मीद है।

8- सरकार ने स्थानीय खपत को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था को विदेशी झटकों से बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया है। इन उपायों में GST ढांचे में व्यापक बदलाव शामिल है। इससे दिवाली से पहले कारों और रसोई के उपकरणों जैसे बड़े सामानों के साथ-साथ 'दैनिक उपयोग' की वस्तुओं की कीमतें कम होने की उम्मीद है।

9- अमेरिका को भारत के निर्यात का करीब 30.2 प्रतिशत, जिसका मूल्य 27.6 अरब डॉलर (2.42 लाख करोड़ रुपए) है, अमेरिका में शुल्क-मुक्त आता रहेगा। इनमें दवा उत्पाद और सक्रिय दवा सामग्री शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- Explainer: भारत पर डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से अमेरिका को भी बड़ा नुकसान, जानें होगा कितना असर

10- डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बुधवार सुबह से लागू हो गए। इसमें रूसी तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का 'जुर्माना' भी शामिल है। भारत ने इसे "अन्यायपूर्ण, अनुचित और अविवेकपूर्ण" बताया है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को 86.5 अरब डॉलर (7.59 लाख करोड़ रुपए) की वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात किया।

 

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