
मुंबई. महाराष्ट्र में अजित पवार के समर्थन से भाजपा सरकार बनने के बाद शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और एनसीपी नेता शरद पवार ने मीडिया को संबोधित किया। उद्धव ठाकरे ने कहा, पहले ईवीएम का खेल खेला जा रहा था, अब ये नया खेल हुआ है। मुझे ऐसा नहीं लगता कि दोबारा चुनाव की जरूरत है। हम सभी जानते हैं कि जब छत्रपति शिवाजी पर पीछे से धोखा या हमला हुआ, उन्होंने क्या किया?
शिवसेना विधायक को तोड़ने के सवाल पर ठाकरे ने कहा, वे ऐसी कोशिश कर के देखलें, महाराष्ट्र अब सोने वाला नहीं।
अजित पवार के फैसले की नहीं थी जानकारी
इससे पहले शरद पवार ने साफ कर दिया कि अजित पवार के भाजपा को समर्थन देने के फैसले में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। पवार ने कहा कि अजित पवार कुछ विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे, हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अजित का फैसला पार्टी लाइन के खिलाफ है और अनुशासनहीनता को बताता है। हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हमें पता चला है कि 10-12 विधायक उनके पास हैं।
पवार ने कहा, ''3 दलों ने सरकार बनाने का फैसला किया था। शिवसेना को एनसीपी और कांग्रेस ने समर्थन देने की बात कही थी। इन्हें 169 विधायकों का समर्थन मिला था। कुछ मुद्दों को लेकर हमारी बातचीत चल रही थी। हमें सुबह पता चला कि अजित पवार के नेतृत्व में एनसीपी के कुछ सदस्य राजभवन पहुंचे हैं। थोड़ी देर में देखने को मिला कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने शपथ ले ली। ये देखकर मैं खुद आश्चर्य में पड़ गया। कुछ विधायकों को वहां बिना बताए ले जाया गया।''
महाराष्ट्र में बड़ा उलटफेर हुआ, फडणवीस फिर बने सीएम
महाराष्ट्र में एक बड़े उलटफेर के साथ सत्ता को लेकर 30 दिन से चल रहा सियासी ड्रामा खत्म हो गया। भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री और एनसीपी के अजित पवार ने डिप्टी सीएम की शपथ ली। माना जा रहा है कि भाजपा को समर्थन देने के बारे में अजित पवार ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को भी इसकी जानकारी नहीं दी। हालांकि, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस बारे में शरद पवार को भी जानकारी थी।
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