
UGC NET Paper leak: नीट-यूजी पेपर लीक का मामला अभी चल ही रहा था कि नेट-यूजीसी परीक्षा के पेपर लीक की भी पुष्टि हो चुकी है। परीक्षा के 48 घंटे पहले नेट-यूजीसी पेपर लीक हो गया था। डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इसे 6 लाख रुपये में बेचा गया था। सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने के बाद यह दावा किया है। दरअसल, नीट पेपर लीक के बाद किरकिरी झेल रहे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नेट परीक्षा कराए जाने के अगले दिन इसे रद्द कर दिया था। लेकिन पेपर लीक की बात नहीं स्वीकारी थी। अभी भी नेट पेपर लीक कैसे हुआ इसके स्रोत का पता नहीं चल सका है। नेट परीक्षा में 11 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
बीते मंगलवार यानी 18 जून को यूजीसी-नेट परीक्षा का आयोजन कराया गया था। लेकिन परीक्षा आयोजित होने के 48 घंटे पहले ही पेपर लीक हो गया था।
सीबीआई ने रजिस्टर किया एफआईआर
नेट पेपर लीक में गुरुवार को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज किया। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के आधार पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीबीआई ने अज्ञात व्यक्तिओं को आरोपी बनाया है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा था कि सूचना से पता चलता है कि प्रथम दृष्टया परीक्षा की सत्यनिष्ठा से समझौता किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि लीक हुए पेपर के पीछे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का रैकेट है। अब सीबीआई की रडार पर कई राज्यों में कोचिंग सेंटरों की भूमिका है। यह वह कोचिंग सेंटर्स हैं जहां नेट, नीट (मेडिकल कोर्स के लिए) और आईएएस (सिविल सेवा के लिए) जैसी परीक्षाओं की तैयारी करायी जाती है। इसके अलावा पेपर सेट करने वाले लोगों को भी सीबीआई जांच का सामना करना पड़ सकता है।
देशभर में हो रहे प्रदर्शन
नेट परीक्षा रद्द किए जाने के बाद छात्रों ने देश भर के विश्वविद्यालय परिसरों में विरोध प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का दावा था कि उन्होंने परीक्षा से कुछ दिन पहले पिछले सप्ताह पेपर लीक होने की सूचना दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने कहा कि कम से कम एक पेपर लीक हुआ था और वह केवल 5 हजार में उपलब्ध था। यह 16 जून से व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है।
कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में शिक्षक पदों की भर्ती के लिए नेट अनिवार्य
हायर एजुकेशन संस्थानों में शिक्षक पदों के लिए UGC-NET परीक्षा को क्वालिफाई करना अनिवार्य है। यह यूजीसी यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा है। इसको क्वालिफाई करने के बाद कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया जा सकता है साथ-साथ फेलोशिप के लिए योग्यता परीक्षा है। इस बार परीक्षा के लिए 11 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
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