
नई दिल्ली. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ आरोप तय कर दिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि विधायक के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। सेंगर के खिलाफ आइपीसी की धारा 120बी, 363, 366, 109, 376 (आई) और पॉक्सो एक्ट 3और4 के तहत आरोप तय किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त को इस मामले की सुनवाई की थी। कोर्ट ने इस मामले में दर्ज सभी केसों को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। साथ ही अदालत से इस मामले को 45 दिन में निपटाने के लिए कहा है।
इससे पहले सुनवाई के दौरान सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दायर की थी। साथ ही कोर्ट से कहा था कि जांच में साफ हो गया है कि कुलदीप सिंह पर दुष्कर्म और शशि सिंह पर साजिश में शामिल होने के आरोप सही हैं। जांच एजेंसी ने बताया था कि शशि सिंह पीड़िता को नौकरी दिलाने के बहाने के विधायक के घर ले गई थी, जहां उसके साथ ये घटना हुई।
घटना के वक्त घर पर कोई भी मौजूद नहीं था
सीबीआई ने बताया था कि जिस वक्त पीड़िता घर पर पहुंची थी, उस वक्त वहां कोई भी नहीं था। यहां तक की सुरक्षाकर्मी भी नहीं। पीड़िता ने भी अपने घर विधायक से मिलने जाने को लेकर किसी को जानकारी नहीं दी थी।
तिहाड़ में बंद है आरोपी विधायक
साल 2017 में उन्नाव के माखी गांव की रहने वाली एक युवती ने विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाइयों पर गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। जिस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। वहीं, 30 जुलाई को रायबरेली में हुए एक हादसे में उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता और उसका वकील बुरी तरह घायल हो गया था, जबकि पीड़िता की चाची व मौसी की मौत हो गई थी। चाची दुष्कर्म मामले की मुख्य गवाह थीं। पीड़िता को भी इलाज के लिए एम्स लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.