अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन का दावा-भारत एक ज़ेनोफोबिक देश और उसकी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही, जयशंकर ने जताई कड़ी आपत्ति

Published : May 04, 2024, 03:47 PM ISTUpdated : May 04, 2024, 04:20 PM IST
jaishankar

सार

विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने यह कि भारत की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही है। भारत हमेशा विविध समाजों के लिए खुला और स्वागत करने वाला है। 

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा भारत सहित कई देशों को ज़ेनोफोबिक करार दिए जाने और भारतीय अर्थव्यवस्था को लड़खड़ाने का दावा करने पर भारत ने आपत्ति जताई है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने यह कि भारत की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही है। भारत हमेशा विविध समाजों के लिए खुला और स्वागत करने वाला है।

क्या जवाब दिया एस.जयशंकर ने?

अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा कि भारत हमेशा विविध समाजों के लोगों के लिए खुला और स्वागत करने वाला रहा है। "ज़ेनोफ़ोबिया" के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत हमेशा से एक बहुत ही अनोखा देश रहा है। मैं वास्तव में कहूंगा, दुनिया के इतिहास में, यह एक ऐसा समाज रहा है जो बहुत खुला रहा है। विभिन्न समाजों से अलग-अलग लोग भारत आते हैं। जयशंकर ने अपनी बात रखने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा पेश किया गया सीएए भारत के स्वागत योग्य दृष्टिकोण को दर्शाता है। जयशंकर ने कहा कि हमारे पास सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) है, जो मुसीबत में फंसे लोगों के लिए दरवाजे खोलने के लिए है।

भारत की लड़खड़ाती हुई अर्थव्यवस्था वाली टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही है। भारत पिछले कुछ वर्षों से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है, जबकि पिछले साल पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था भी बन गया। भारत दशक के अंत से पहले दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर भी अग्रसर है।

क्या कहा था अमेरिकी राष्ट्रपति ने?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने भारत सहित कई देशों पर ज़ेनोफोबिक होने का आरोप लगाया था। 2 मई को राष्ट्रपति बिडेन ने कहा था कि आप जानते हैं, हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ने का एक कारण आप और कई अन्य लोग हैं। क्यों? क्योंकि हम अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। चीन आर्थिक रूप से इतनी बुरी तरह रुका हुआ है? जापान को परेशानी क्यों हो रही है? भारत को क्यों परेशानी हो रही है? क्योंकि वे अप्रवासी नहीं चाहते। राष्ट्रपति बिडेन ने अपनी टिप्पणी में भारत, जापान, चीन और रूस को "ज़ेनोफोबिक" बताने के साथ भारत की अर्थव्यवस्था को लड़खड़ाती हुई बताया था।

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