
देहरादून। उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government ) के वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) ने शुक्रवार शाम अचानक पद से इस्तीफा दे दिया। रावत ने कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज (Medical college) बनाए जाने के प्रस्ताव के खारिज होने पर नाराज होकर यह फैसला लिया। वह कैबिनेट की बैठक को बीच में छोड़कर निकल गए।
कहा जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का मामला नहीं आने के चलते उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से बहस भी हुई। इसके बाद हरक सिंह ने मीडिया से कहा कि मुझे पार्टी के अंदर भिखारी जैसा बना दिया गया था। मैं अपने क्षेत्र के लिए 5 साल से मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहा था। ऐसे में अब इनके साथ काम नहीं कर सकता।
हरक सिंह ने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज को स्वीकृति देने के फैसले को लटका रही है। ऐसे में उनका सरकार में बने रहना संभव नहीं था। उन्होंने कई बार सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया था। बता दें कि हरक सिंह ने 2016 में राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन छोड़कर BJP जॉइन की थी। वह हरीश रावत की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण भी चर्चा में रहे थे।
कांग्रेस में जा सकते हैं वापस
हरक सिंह अपने ही साथ कांग्रेस से आए सतपाल महाराज को ज्यादा तवज्जो मिलने के कारण नाराज बताए जा रहे थे। कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी तकरार हुई थी। हरक सिंह के वापस कांग्रेस में जाने की भी संभावना जताई जा रही है। कई दिनों से हरक सिंह की कांग्रेस में वापसी की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के विरोध के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा था। हरक सिंह गुरुवार को दिल्ली गए थे। वे शुक्रवार को ही दिल्ली से देहरादून वापस लौटे थे।
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