
देहरादून। उत्तराखंड अगले सप्ताह समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है। यूसीसी कोड भारत के सभी नागरिकों पर लागू होगा। यह विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने सहित अन्य व्यक्तिगत मामलों से निपटने में एक जैसा कानून लागू करेगा चाहे संबंधित व्यक्ति का धर्म कोई भी हो।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड विधानसभा में जो मसौदा विधेयक पेश किया जाएगा उसमें सरकार ने बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात की है। इसके साथ ही लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था की गई है।
दिवाली के अगले सप्ताह बुलाया जाएगा उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र
जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई की अध्यक्षता वाली समिति उत्तराखंड में यूसीसी पर रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पेश करने के लिए तैयार है। विधानसभा से बिल पास होने के बाद उत्तराखंड अगले सप्ताह समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है। दिवाली के अगले सप्ताह उत्तराखंड विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इसमें समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया जाएगा। इससे UCC को कानूनी दर्जा मिल जाएगा।
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गुजरात में भी लोकसभा चुनाव से पहले यूसीसी लागू करने की तैयारी
इस साल जून में यूसीसी मसौदा समिति की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की रिटायर जज रंजना प्रकाश देसाई ने कहा था कि उत्तराखंड के लिए समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार हो चुका है। जल्द ही इसे राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड के नक्शेकदम पर चलते हुए गुजरात भी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर सकता है।
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