
देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में 40 लोग चार दिन से फंसे हुए हैं। इन्हें बचाए जाने का इंतजार लंबा खींच रहा है। पाइप की मदद से सुरंग में फंसे लोगों तक ऑक्सीजन, भोजन और पानी पहुंचाया जा रहा है। इन्हें बाहर निकालने के लिए चलाया जा रहा बचाव अभियान भूस्खलन से प्रभावित हुआ है। नई ड्रिल मशीन लगाई जा रही है।
बुधवार बचाव अभियान का चौथा दिन है। बरमा ड्रिलिंग मशीन और उसके प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया गया। मलबे के माध्यम से स्टील पाइप डालने के लिए बरमा ड्रिलिंग मशीन के लिए मंच तैयार किया गया था। मंगलवार रात को आए एक ताजा भूस्खलन ने मशीन को हटाने मंच पर फिर से काम शुरू करने के लिए मजबूर किया। इस वजह से बचाव कार्य में देर हुई है। दूसरी ओर मलबा गिरने से दो बचावकर्मी घायल हो गए हैं। इन्हें साइट पर स्थापित अस्थायी अस्पताल में भेजा गया।
उत्तरकाशी के डीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए काम चल रहा है। इसके लिए पाइप डालकर रास्ता तैयार किया जा रहा है। पाइप डालने के लिए 'बरमा मशीन' की मदद से ड्रिलिंग शुरू हुई है। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही सुरंग में फंसे लोगों को निकाल लिया जाएगा।
पाइप डालकर बनाया जा रहा रास्ता
नई ड्रिलिंग मशीन लगाने के लिए प्लेटफार्म समतलीकरण का काम चल रहा है। मशीन हॉरिजॉन्टल दिशा में काम कर सकें इसके लिए मंच तैयार किया जा रहा है। पाइप को मलबे के बीच से निकाला जाएगा। यह पाइप 900 mm का है। इसके अंदर से होते हुए मजदूर बाहर आ जाएंगे। मंच की मजबूती के लिए कंक्रीट का काम चल रहा है।
योजना यह है कि ड्रिलिंग कर हल्के स्टील पाइपों के 800 और 900 मिमी व्यास वाले दोनों खंडों को एक के बाद एक मलबे में डाला जाए। इससे मजदूरों के लिए भागने का रास्ता बनाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा है कि सुरंग में फंसे लोग सुरक्षित हैं।
शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात हुआ था हादसा
बता दें कि उत्तरकाशी में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात हादसा हुआ था। यहां एक निर्माणाधीन टनल का हिस्सा धंस गया था। टनल का निर्माण ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिल्क्यारा को डंडालगांव से जोड़ने के लिए किया जा रहा है।
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