
मुंबई। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से सोमवार को राहत मिलने के बाद शिव सेना (Shiv Sena) के बागी नेता एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बाल ठाकरे को याद किया है। उन्होंने कहा कि यह बाल ठाकरे के हिंदुत्व की जीत है। एकनाथ शिंदे ने कहा कि मैं अपने गुरु आनंद दिघे के आदर्शों पर चल रहा हूं।
एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया कि यह हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब के हिंदुत्व और धर्मवीर आनंद दिघे के आदर्शों की जीत है। वहीं, एकनाथ शिंदे के बेटे और शिव सेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने दबाव में आकर मेरे पिता और 15 अन्य असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य ठहराने का नोटिस दिया था।
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि स्पीकर का अधिकार विधानसभा में है। उनके पास अधिकार है कि अगर कोई विधानमंडल में पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाता है तो कार्रवाई करें, लेकिन यह किसी बैठक में शामिल नहीं होने के मामले में लागू नहीं होता। दबाव में आकर उन्होंने बागी विधायकों की अयोग्यता का तुगलकी फरमान जारी किया था। कोर्ट ने आज अपनी सुनवाई के दौरान इसे देखा है।
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11 जुलाई तक अयोग्यता की कार्यवाही पर रोक
बता दें कि डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने शिव सेना के 16 बागी विधायकों को अयोग्यता का नोटिस जारी किया था। विधायकों को सोमवार शाम पांच बजे तक जवाब देना था। इसके खिलाफ एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने अयोग्यता की कार्यवाही पर 11 जुलाई तक रोक लगा दिया है। कोर्ट ने आदेश किया है कि 11 तक स्थिति में बदलाव नहीं होगा। कोर्ट ने बागी विधायकों और उनके परिवार के लोगों की सुरक्षा के इंतजाम करने का आदेश महाराष्ट्र सरकार को दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। एकनाथ शिंदे शिवसेना के बागी विधायकों के साथ गुवाहाटी के एक होटल में हैं।
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