
Vishwa Hindu Parishad: अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद विश्व हिंदू परिषद के न्यासी मंडील और कार्यकारिणी का तीन दिवसीय मीटिंग सोमवार को संपन्न हुआ। कार्यसमिति में रखे गए प्रस्तावों के संबंध में वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया का सबसे लंबा सघर्ष राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूरा हुआ है। यह हिंदू जनमानस के लिए गौरव और उत्सव का पल रहा है। अब हिंदू समाज आने वाले चुनाव में बढ़चढ़कर हिस्सा लेगा और सनातन परंपराओं को मजबूत करने का काम करेगा।
वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि रामलला के साथ उनकी मर्यादाओं व हिन्दू संस्कृति की भी पुनर्प्राणप्रतिष्ठा हुई। अब यह सिद्ध हो गया कि राम ही राष्ट्र हैं और राष्ट्र ही राम हैं। समस्त विघटनकारी व राष्ट्र विरोधी षड़यंत्र धूमिल हो गये। सम्पूर्ण विश्व भी इस दिन आह्लादित था क्योंकि उन्हें लगा कि एक नये भविष्य की रचना की जा रही है। हिन्दू समाज ने जन्मभूमि पर मन्दिर निर्माण के लिए विश्व का सबसे लम्बा संघर्ष किया। 76 बार हुए भीषण युद्धों में सम्पूर्ण देश के रामभक्तों ने सहभागिता की, इनके बिना यह पावन दिवस सम्भव नहीं था। इन संघर्षों में बलिदान हुए लाखों बलिदानियों को प्रन्यासी मण्डल नमन करता है। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का अभियान पूरा हो चुका है। अब रामराज्य के पक्ष में वोट करने का समय आ गया है।
नए युग का हो चुका है आरंभ
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 22 जनवरी 2024 के पश्चात् एक नए युग का आरंभ हो गया है। अब राम मंदिर से रामराज्य की यात्रा आरम्भ हो गई है। यह एक सभ्यता का संघर्ष है जिसमें हिन्दू सभ्यता के सांस्कृतिक जीवन मूल्य स्थापित हो रहे हैं। इस नये युग के निर्माण का उत्तरदायित्व हिन्दू समाज को स्वीकार करना होगा और स्वयं को उसके लिए तैयार करना होगा। वर्तमान कालखण्ड भारत के लिए गौरवशाली तथा सकारात्मक परिवर्तन का कालखण्ड है।
वीएचपी ने किया नोटा का इस्तेमाल न करने की अपील
आलोक कुमार ने बताया कि सम्मेलन में राम राज्य के पक्ष में वोट करने का प्रस्ताव पारित हुआ है। देश के स्वास्थ्य पर 100 फीसदी वोट होना चाहिए। हमें रामराज्य में जाना है। राम मंदिर से राम यात्रा शुरू हो गई है। हिंदू समुदाय को नए युग के निर्माण की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इसके लिए खुद को तैयार करना चाहिए। भारत लोकतंत्र की जननी है। शत प्रतिशत वोट करें और सही तरीके से वोट करें। व्यक्तिगत स्वार्थ, जाति, निवेश, भाषावाद, साम्प्रदायिकता और क्षेत्रवाद का त्याग करें। राष्ट्रहित और हिंदू हित के लिए वोट करें। उन्होंने नोटा का इस्तेमाल न करने की सलाह दी। उन्होंने परिवार के साथ मतदान करने की अपील भी की। विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि राष्ट्रीय चुनाव का फैसला होने जा रहा है। भारत का भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपनी अगली पीढ़ी को एक ऐसा भारत सौंपें जो पूरी तरह सुरक्षित, समृद्ध और मजबूत हो। इस कार्य के लिए ऐसी सरकार का होना जरूरी है जो भारत की संस्कृति और मूल्यों का सम्मान और सुरक्षा करे।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। प्रत्येक 5 वर्षों के पश्चात् राष्ट्रीय निर्वाचन का महापर्व आता है। लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के संचालन हेतु मतदान अत्यन्त आवश्यक है। यह हमारा राष्ट्रधर्म भी है। निर्वाचन की तिथियों की घोषणा कभी भी हो सकती है।
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