Waqf Board को लेकर जानिए जरूरी फैक्ट, यहां 2 तरह की होती हैं प्रॉपर्टीज

Published : Aug 08, 2024, 03:47 PM IST
Waqf Board

सार

इस समय देश में वक्फ बोर्ड से जुड़ा मुद्दा काफी चर्चा में है। हालांकि, आज हम आपको इससे जुड़े कुछ तथ्यों से रूबरू कराएंगे, जो आपकी जानकारी को बढ़ाने का काम करेगा।

वक्फ बोर्ड बिल 2024। लोकसभा में आज केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा गुरुवार (8 अगस्त) को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश कर दिया है। इसको लेकर विपक्षी दल मुस्लिम विरोधी बता रहा है। वहीं सत्ता पक्ष इसका समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, बोर्ड को लेकर कई सारी ऐसी बातें जानना जरूरी है कि ये किस तरह से काम करती है और इसकी स्थापना कब की गई थी।

जानें वक्फ बोर्ड से जुड़े रोचक तथ्य

  • Establishment: सेंट्रल वक्फ काउंसिल और स्टेट बोर्डों की स्थापना साल 1964 में वक्फ एक्ट 1955 के तहत की गई थी। इसी अधिनियम के तहत कानूनी काम को भी पूरा किया जाता है।
  • Objective: इसका मुख्य उद्देश्य है प्रॉपर्टी का मैनेजमेंट और रेगुलेशन करना, जिसे कई तरह के कामों में इस्तेमाल कर सके।
  • Properties: देशभर में लगभग 4.5 लाख से अधिक संपत्तियां बोर्ड के अधीन है। इनमें से 6 लाख एकड़ जमीन शामिल है।
  • Types of Properties: प्रॉपर्टी दो तरह की होती है, जो इस प्रकार है- शाही और वक्फ-अलल-औलाद (निजी)।
  • Management: प्रॉपर्टी का मैनेजमेंट स्टेट वक्फ बोर्ड करते है। जबकि सेंट्रल वक्फ काउंसिल का काम देखरेख और कॉर्डिनेट करना होता है।
  • Function: काम करने के अलग-अलग तरीके है। इसमें भाड़ा वसूली, संपत्ति का रखरखाव, वाद-विवाद का समाधान और वक्फ उद्देश्यों का अनुपालन सुनिश्चित करना शामिल है।
  • Challange: वक्फ बोर्ड को काफी चैंलेज भी फेस करने पड़ते हैं। उन्हें ये देखना होता है कि कहीं किसी संपत्ति पर अतिक्रमण, अवैध कब्जा और गलत इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है।
  • Reforms: कई तरह की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए बीते कई सालों में जरूरी बदलाव भी देखने को मिले हैं। जो इस प्रकार है- रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन, साफ-सुथरी अकाउंटिंग सिस्टम की शुरुआत और लोगों को बोर्ड से जोड़ने का काम।
  • Funding: ये कई तरह से पैसे कमाने कमाते हैं। इसमें किराए, पट्टे और दान के माध्यम से आने वाले पैसे मुख्य रूप से शामिल होते हैं।
  • Impact: सामाजिक तौर पर अपने कामों से समुदाय से जुड़े लोगों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लोग समुदाय के साथ जुड़ते हैं।
  • Community involvement: ये अक्सर प्रॉपर्टी का फायदा पहुंचाने, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने का काम करते हैं।
  • State-wise: सबसे खास बात ये है कि देश में हर स्टेट का अपना वक्फ बोर्ड है, जबकि कुछ राज्यों के कई सारे बोर्ड हैं।
  • Governance: इसका नेतृत्व वैसे लोग करते हैं, जिन्हें सरकार द्वारा नियुक्त सदस्य या समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा चुने गए लोग करते हैं।
  • Dispute resolution: सबसे खास बात ये है कि संपत्तियों से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए बोर्ड के पास कानूनी सिस्टम है। इन्हें देश के लॉ से कोई लेना-देना नहीं है।

ये भी पढ़ें: लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पेश, सपा-कांग्रेस का हंगामा, ओवैसी ने ये कहा

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