मराठवाड़ा में 11 में से 8 डेम 100% फुल,असम में 9 जिलों में बाढ़, जानिए किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

Published : Oct 14, 2022, 08:38 AM ISTUpdated : Oct 14, 2022, 08:40 AM IST
मराठवाड़ा में 11 में से 8 डेम 100% फुल,असम में 9 जिलों में बाढ़, जानिए किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

सार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने के साथ, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। हालांकि अभी भी कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम डेस्क. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि आजकल में ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। असम लक्षद्वीप, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कोंकण और गोवा और शेष छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश संभव है। सिक्किम और विदर्भ में हल्की बारिश संभव है। स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने के साथ, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं। (यह तस्वीर पिछले दिनों आगरा की है)

बीते दिन इन राज्यों में बारिश हुई
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, बीते दिन असम, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। दक्षिण मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो स्थानों पर भारी बारिश हुई। उत्तर पूर्व भारत, आंतरिक ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और दक्षिण गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश हुई। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लक्षद्वीप में हल्की बारिश हुई।

असम में कई इलाके फिर बाढ़ में डूबे
असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण कई नए इलाकों में पानी भर गया है। एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि बाढ़ से प्रभावित जिलों की संख्या बुधवार को पांच के मुकाबले बढ़कर नौ हो गई है, हालांकि प्रभावित लोगों की संख्या बुधवार को 69,750 से घटकर 50,839 हो गई है। लखीमपुर जिला प्राकृतिक आपदा के प्रभाव में 37,000 से अधिक प्रभावितों के साथ सबसे अधिक प्रभावित है। पूर्वोत्तर राज्य इस समय सोमवार से भारी बारिश के कारण बाढ़ की तीसरी लहर का सामना कर रहा है। असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के बुलेटिन में कहा गया है कि 20 राजस्व मंडलों के तहत 199 गांव वर्तमान में बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रह्मपुत्र जोरहाट और तेजपुर के नेमाटीघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बिश्वनाथ और डिब्रूगढ़ में दो तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बिश्वनाथ, धेमाजी, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, मोरीगांव, माजुली, गोलपारा और तिनसुकिया जिलों से कटाव की खबर है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी ने शुक्रवार तक कई जिलों में छिटपुट और छिटपुट वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है। 

मराठवाड़ा के 11 बांधों में से 8 में पानी का स्टोरेज 100 प्रतिशत, क्षेत्र में औसत वर्षा का 123 प्रतिशत 
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के 11 प्रमुख बांधों में से आठ अब अधिकतम जल भंडारण क्षमता तक पहुंच गए हैं, जबकि 11 बांधों का कुल प्रतिशत 97.98 प्रतिशत है। एक अधिकारी ने बताया कि जयकवाड़ी, येलदारी, सिद्धेश्वर, मजलगांव, पेंगंगा, मनार, विष्णुपुरी और सीना कोलेगांव परियोजनाओं में अधिकतम भंडारण क्षमता(   Maximum storage capacity) पहुंच गई है, जबकि दुधना में यह 75.05 प्रतिशत, मंजारा में 85.71 प्रतिशत और निम्ना तेरना में 98.46 प्रतिशत है। इनके अलावा, इस क्षेत्र में 75 मध्यम परियोजनाएं, जिनमें आठ जिले शामिल हैं, 91.27 प्रतिशत पूर्ण हैं। छोटी परियोजनाओं में इस समय 75.78 प्रतिशत पानी है।

मराठवाड़ा में 679 मिलीमीटर की वार्षिक औसत वर्षा के मुकाबले इस मानसून में अब तक इस क्षेत्र में 840 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो औसत वर्षा का 123.62 प्रतिशत है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, नांदेड़ में 1118.6 मिमी, हिंगोली (992.4 मिमी), जालना (843.8 मिमी), लातूर (802.9 मिमी), औरंगाबाद (728.2 मिमी), उस्मानाबाद (723.1 मिमी), बीड (712.2 मिमी) और परभणी (700.4 मिमी) बारिश हुई है। 

कोटा : फसल खराब होने पर कर्ज में डूबे किसान की हार्ट अटैक से मौत
राजस्थान के कोटा में हाल ही में हुई बारिश के कारण फसल बर्बाद होने के कारण एक किसान की सदमे में हार्ट  अटैक से मौत हो गई। बताया जाता है कि वो पहले से ही कर्ज में डूबा था। पुलिस के एएसआई (बापावर) पुरुषोत्तम ने बताया कि परिवार के सदस्यों के अनुसार लातुरा गांव निवासी महेंद्र नागर (38) बुधवार को अपने खेत में गया था। उसे खेत में मृत पाया गया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया, उन्होंने कहा, सीआरपीसी की धारा 174 (आत्महत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) सांगोद अभिषेक चरण ने कहा कि डॉक्टर के अनुसार, किसान पॉलीसिस्टिक किडनी से पीड़ित था, जिसके कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज में डूबा था, क्योंकि उसे पिछले साल भी फसल का नुकसान हुआ था।  कृषि विभाग (कोटा) के संयुक्त निदेशक डॉ. रामावतार शर्मा ने कहा, 'शुरुआती आकलन के अनुसार, हाल ही में हुई बारिश में हाड़ौती में 4.50 लाख हेक्टेयर से अधिक खेती खराब हुइ है। हालांकि अभी भी सर्वेक्षण जारी है। 

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