
Sandeshkhali row: पश्चिम बंगाल में संदेशखाली देशभर में सुर्खियों में छाया हुआ है। रविवार को संदेशखाली जा रही फैक्ट फाइंडिंग टीम को पुलिस ने रोक दिया। टीम के सभी छह सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस हेडक्वाटर्स लाया। हालांकि, दोपहर में पीएचक्यू से रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रशासन और पुलिस टीम ने उन लोगों को संवेदनशीलता को देखते हुए आगे न जाने का अनुरोध किया लेकिन वह लोग बैरिकेड्स तोड़कर आगे जाने की कोशिश कर रहे थे। शांति भंग की आशंका में अरेस्ट कर लिया गया था। उधर, फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्यों ने कहा कि वह लोग बैठे थे लेकिन पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। टीम ने गवर्नर से मिलने और गृह मंत्रालय से बात करने की बात कही है।
उधर, साउथ 24 परगना के भांगर डिवीजन के डिप्टी कमीश्नर ने बताया कि प्रशासन व पुलिस द्वारा टीम के लोगों से रिक्वेस्ट किया गया कि आप यहां से आगे मत बढ़िए। लेकिन वे पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश कर आगे जाने की कोशिश करने लगे। स्थिति बिगड़ते देख हमें उनको अरेस्ट करना पड़ा। अगर शांति भंग की कोशिश की जाती है तो पुलिस को गिरफ्तारी का अधिकार है।
कौन-कौन था फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी में?
फैक्ट फाइंडिंग टीम में पटना हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी, ओपी व्यास, चारुवली खन्ना, भावना बजाज, राजपाल सिंह और संजीव नायक शामिल हैं।
नुसरत जहां ने की शांति की अपील
उधर, टीएमसी सांसद नुसरत जहां ने संदेशखाली के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस जांच में सहयोग की अपील की है। नुसरत जहां ने बीजेपी को भी इस मामले की राजनीतिकरण को बंद करने की अपील की है। नुसरत जहां, बशीरहाट की सांसद हैं। उनके संसदीय क्षेत्र में ही संदेशखाली आता है। सांसद ने संदेशखाली नहीं आने संबंधी मीडिया रिपोर्ट्स पर भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ममता सरकार स्थितियों को देख रही है, कानून अपना काम कर रहा है। पढ़िए क्या-क्या कहा सांसद ने…
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.