Presidential Suite: वो कमरा जहां पुतिन ठहरें, जानें क्यों है ये टॉप-सीक्रेट रूम

Published : Dec 05, 2025, 02:33 PM IST
Vladimir Putin India Visit

सार

Presidential Suite Features: राष्ट्रपति या बड़े नेताओं के लिए बनाए गए प्रेसिडेंशियल सुइट सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि सिक्योरिटी, प्राइवेसी और हाई-लेवल कम्फर्ट का पूरा पैकेज होते हैं। पुतिन भारत दौरे पर इसी में ठहरें।

Presidential Suite Inside Details: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत यात्रा पर हैं। उनके रहने का इंतजाम प्रेसिडेंशियल सुइट में किया गया है। पुतिन ही नहीं जब भी बड़े ग्लोबल लीडर किसी देश जाते हैं, तो उनकी मीटिंग्स ही नहीं, बल्कि वे कहां ठहरते हैं, यह भी बड़ी खबर बन जाती है। अक्सर आप सुनते हैं कि कोई नेता 'प्रेसिडेंशियल सुइट' में ठहर रहा है। लेकिन सवाल कि इसे प्रेसिडेंशियल क्यों कहा जाता है? क्या इसमें सच में राष्ट्रपति जैसा कुछ होता है? ये बाकी लग्जरी रूम से कैसे अलग है? इस आर्टिकल में आसान भाषा में समझिए इस नाम का इतिहास क्या है, इसमें क्या-क्या सुविधाएं होती हैं और क्यों हर VIP विजिट में यह कमरा ही चुना जाता है।

प्रेसिडेंशियल सुइट क्या है?

प्रेसिडेंशियल सुइट का नाम अमेरिका से निकला है। 1913–1921 के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन को यात्रा के दौरान खास सुविधाओं की जरूरत पड़ती थी, जैसे अटैच बाथरूम, वॉक-इन क्लोसेट और अलग प्राइवेट स्पेस। उस समय होटल्स में ये सुविधाएं आम नहीं थीं। फिर होटलों ने ऐसे खास कमरे बनाए और उनका नाम ही प्रेसिडेंशियल सुइट (Presidential Suite)रख दिया। धीरे-धीरे दुनियाभर के लगभग हर बड़े होटल ने अपने सबसे प्रीमियम और सुरक्षित कमरे को इसी नाम से बुलाना शुरू कर दिया, चाहे उसमें राष्ट्रपति रहें या न रहें। आज प्रेसिडेंशियल सुइट होटल का सबसे शानदार, सबसे सुरक्षित और सबसे महंगा रूम है।

प्रेसिडेंशियल सुइट की खासियत क्या है, इसमें क्या मिलता है?

  • प्रेसिडेंशियल सुइट सिर्फ बड़ा कमरा नहीं होता, ये किसी छोटे प्राइवेट अपार्टमेंट जैसा लगता है।
  • इसमें आमतौर पर कई कमरे, बड़ा लिविंग एरिया और प्राइवेट डाइनिंग स्पेस होता है, जहां लीडर अपनी टीम के साथ बैठकर मीटिंग कर सकते हैं और डिनर कर सकते हैं।
  • इस सुइट में चौबीसों घंटे हाई-क्लास सर्विस मिलती है। हर जरूरत के लिए एक खास टीम तैनात होती है, सिक्योरिटी से लेकर फूड सर्विस तक की सुविधा होती है।
  • कमरे का एक्सेस कंट्रोल्ड होता है। होटल की सिक्योरिटी, SPG, SSG, और स्पेशल प्रोटोकॉल मिलकर इसे पूरी तरह से सुरक्षित रखते हैं।
  • इस सुइट में वीआईपी, सेलिब्रटी या ग्लोबल लीडर की प्राइवेसी का पूरा इंतजाम होता है।
  • पुतिन जैसे नेताओं के साथ उनकी टीम यानी डेलिगेशन भी आती है। यह सुइट इतना बड़ा होता है कि छोटी मीटिंग्स, ब्रिफिंग्स और चर्चाएं यहीं पूरी हो जाती हैं।

प्रेसिडेंशियल सुइट बाकी लग्जरी कमरों से कैसे अलग है?

लग्जरी रूम रहने के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन प्रेसिडेंशियल सुइट एक VIP की पूरी जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। लग्जरी रूम सिर्फ कम्फर्ट देते हैं। लेकिन प्रेसिडेंशियल सुइट कम्फर्ट, सिक्योरिटी, प्राइवेसी और मीटिंग स्पेस सब कुछ देता है। यह कमरे VIP प्रोटोकॉल के मुताबिक कस्टमाइज किए जाते हैं। यहां से गेस्ट बिना बाहर निकले अपने आधे आधिकारिक काम निपटा सकते हैं। इसीलिए जब भी कोई राष्ट्राध्यक्ष यात्रा करता है, चाहे अमेरिका का राष्ट्रपति हो, फ्रांस का PM हो या रूस का राष्ट्रपति, उन्हें प्रेसिडेंशियल सुइट ही दिया जाता है।

क्यों ये सुइट पुतिन जैसे नेताओं के लिए जरूरी है?

  • सुरक्षा सबसे बड़ा कारण है।
  • मीटिंग और बातचीत के लिए शांत और नियंत्रित जगह चाहिए होती है।
  • टीम और सिक्योरिटी स्टाफ को भी साथ काम करना होता है।
  • प्राइवेसी लीडर्स की सबसे बड़ी जरूरत होती है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Read more Articles on

Recommended Stories

कौन हैं NIA के नये मुखिया राकेश अग्रवाल? जानिए इनका पूरा ट्रैक रिकॉर्ड
Odisha Crime: खेलती बच्ची को बहलाकर ले गया दादा, फिर जो हुआ उसने सबको हिला दिया