
नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने COVID-19 टीकों के लिए अपनी सिफारिशों को बदल दिया है। WHO ने सुझाव दिया है कि ऐसी आबादी जिसके कोरोना से संक्रमित होने की आशंका अधिक है उसे अंतिम बूस्टर डोज दिए जाने के 12 महीने बाद अतिरिक्त खुराक मिलनी चाहिए।
WHO के अनुसार बुजुर्ग लोगों के कोरोना से संक्रमित होने का खतरा अधिक है। इसी तरह कम उम्र के बच्चों में भी संक्रमण लगने की अधिक संभावना रहती है। बुजुर्गों और बच्चों को अंतिम डोज दिए जाने के 6 और 12 महीने बाद टीके की अतिरिक्त खुराक दी जानी चाहिए।
स्वस्थ बच्चों और किशोरों में कम है संक्रमण लगने का खतरा
WHO ने बताया है कि स्वस्थ बच्चों और किशोरों के कोरोना संक्रमित होने का कम खतरा रहता है। संगठन ने कहा है कि इस समूह के टीकाकरण से पहले बीमारी के बोझ जैसी बातों पर विचार किया जाना चाहिए। पहले उन लोगों को टीके का डोज देना चाहिए, जिनके संक्रमित होने का खतरा अधिक हो।
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दरअसल, विश्व के अलग-अलग देश अपनी आबादी के टीकाकरण के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं। इनमें सामंजस्य लाने के लिए WHO द्वारा सिफारिशें दी जाती हैं। यूके और कनाडा जैसे अमीर देशों ने कोरोना संक्रमण से प्रभावित होने की संभावना वाले हाई रिस्क लोगों के लिए पिछले वैक्सीन डोज के छह महीने बाद बूस्टर डोज ऑफर करना शुरू कर दिया है। WHO ने कहा है कि यह विशेष जोखिम वाले लोगों के लिए एक विकल्प है। उसकी सिफारिशों का उद्देश्य दुनियाभर में सबसे बेहतर प्रैक्टिस अपनाना है।
WHO के अनुसार विशेषज्ञों की कमेटी ने यह भी कहा था कि कोरोना के टीके के शुरुआती दो डोज और एक बूस्टर डोज के बाद मध्यम जोखिम वाले लोगों को नियमित रूप से अतिरिक्त बूस्टर टीके लगाने की जरूरत नहीं है।
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