
Delhi Haj Committee new chairman: दिल्ली में आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। बीजेपी नेता कौसर जहां को दिल्ली हज कमेटी का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। दिल्ली की सत्ता में आने के बाद पहला मौका है जब आप को हज कमेटी की अध्यक्षी गंवानी पड़ी है। हज कमेटी का अध्यक्ष पद बीजेपी के पास चले जाने के साथ ही आम आदमी पार्टी से इसका नियंत्रण खत्म हो गया है।
कौन हैं कौसर जहां?
दिल्ली के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब हज कमेटी के शीर्ष पद पर कोई महिला आसीन हुई है। कौसर जहां भारतीय जनता पार्टी के महिला मोर्चा की पदाधिकारी हैं। दिल्ली हज कमेटी की दूसरी अध्यक्ष चुनी गई हैं। इसके पहले कांग्रेस नेत्री ताजदार बाबर दिल्ली हज कमेटी की पहली महिला अध्यक्ष रही हैं। बीजेपी ने इस महत्वपूर्ण कमेटी पर नियंत्रण हासिल होने पर खुशी जताई है।
चुनाव से हुआ हज कमेटी के अध्यक्ष का चयन
हज कमेटी के सदस्यों ने अपने नए अध्यक्ष का चुनाव किया। पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने भी कमेटी की वोटिंग में भाग लिया। हज समिति के सदस्यों में भाजपा सांसद गौतम गंभीर, आम आदमी पार्टी के दो विधायक- अब्दुल रहमान और हाजी यूनुस, कांग्रेस पार्षद नाजिया दानिश, मुस्लिम धर्मशास्त्र विशेषज्ञ मोहम्मद साद और कौसर जहां शामिल थे। उप राज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा हज कमेटी के सदस्यों के ऐलान के बाद दिल्ली की आप सरकार और एलजी में बहस भी हुई थी। कांग्रेस पार्षद को हज कमेटी में शामिल करने के बाद आम आदमी पार्टी ने एमसीडी के मेयर के चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया गया था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिसूचना को अवैध करार दिया। केजरीवाल ने कहा कि न तो सरकार से परामर्श किया गया और न ही उचित प्रक्रिया का पालन किया गया।
बीजेपी ने बधाई देते हुए कहा मुस्लिम समुदाय देश के विकास में साथ
दिल्ली हज कमेटी का अध्यक्ष चुने जाने पर कौसर जहां को बधाई। दिल्ली हज कमेटी में भाजपा उम्मीदवार की जीत पर बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुस्लिम समुदाय भी देश के विकास में भागीदार है।
हज के लिए विशेषाधिकार कोटा भी सरकार ने किया समाप्त
भारतीय मुसलमान हर साल तीर्थ के लिए मक्का जाते हैं। इस तीर्थ यात्रा को हज कहा जाता है। इसके लिए कोआर्डिनेशन का काम हज कमेटी करती है। हज जाने के लिए सरकार पहले वीवीआईपी कोटा निर्धारित की थी। केंद्र सरकार ने जनवरी में 500 से अधिक हज सीटों के लिए वीआईपी विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया था। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि ये सीटें आम लोगों के लिए उपलब्ध होंगी। वीआईपी हज कोटा के तहत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और साथ ही हज समिति के सदस्यों को विशेषाधिकार आवंटित किया गया था।
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