
नई दिल्ली। पश्चिमी अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में बने सर्दी-खांसी के 4 कफ सिरप को जिम्मेदार बताया था। WHO के निदेशक डॉ. रोजेरियो गैस्पर ने भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल (डीसीजीआई) को पत्र लिखा था। इसके जवाब में डीसीजीआई डॉ वी जी सोमानी ने WHO को पत्र लिखा है।
अपने पत्र में सोमानी ने कहा कि गाम्बिया में बच्चों की मौत को WHO ने समय से पहले भारत में बनी चार खांसी की दवाईयों से जोड़ा। इसके चलते भारत के फार्मा उद्योग की छवि खराब हुई है। गाम्बिया ने बताया है कि खांसी की दवाई के सेवन और मौतों के बीच अभी तक कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं किया गया है। जिन बच्चों की मौत हुई थी, उन्होंने विचाराधीन कफ सिरप का सेवन नहीं किया था।
कफ सिरप में नहीं मिली गड़बड़ी
सोमानी ने अपने पत्र में कहा कि भारत के जिन चार कफ सिरफ को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया था उनके सैंपल की जांच की गई। भारत के सरकारी लैब में हुई जांच में कफ सिरफ में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। वे डीईजी या ईजी से दूषित नहीं थे। ये रिपोर्ट WHO से प्राप्त रिपोर्ट और बच्चों की मौत मामले की जांच कर रही विशेषज्ञों की तकनीकी समिति को उपलब्ध करा दी गई है। DCGI ने WHO के साथ पूर्ण सहयोग को दोहराया और कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) पहले ही WHO के साथ उपलब्ध विवरण नियमित रूप से साझा कर चुका है।
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WHO ने भारत के 4 कफ सिरप को लेकर जारी किया था अलर्ट
गौरतलब है कि WHO ने भारत के 4 कफ सिरप को लेकर अलर्ट जारी किया था। WHO ने कहा था कि ये कफ सिरप स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं हैं। ये पूरी तरह से असुरक्षित हैं और बच्चों के लिए इनका इस्तेमाल मौत को दावत देना है। WHO का कहना है कि चारों सिरप हरियाणा की कंपनी 'मेडेन फार्मास्यूटिकल' ने बनाई हैं। इनके नाम प्रोमेथाजिन ओरल सॉल्यूशन, कोफेक्समालिन बेबी कफ-सिरप, मकॉफ बेबी कफ-सिरप और मैग्रीप एन कोल्ड सिरप हैं।
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